रीवा हादसे को लेकर रतलाम में भी आक्रोश, ज्ञापन सौंपा, साध्वियों को टक्कर मारने वाले आरोपी चालक पर हत्या का प्रकरण दर्ज करने की मांग
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✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रीवा में जैन धर्म की साध्वियों को कार से कुचलने की घटना से जैन समाज में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। घटना के विरोध में सोमवार को समग्र जैन समाज ने अपर कलेक्टर डॉ शालिनी श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही पदयात्रा करने वाले साधु-संतों को शासन एवं प्रशासन द्वारा पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
श्री सकल जैन श्री संघ के आह्वान पर देशव्यापी आंदोलन के तहत रतलाम में समस्त जैन समाज के प्रतिनिधि, विभिन्न श्री संघों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी सुबह 10:30 बजे चंद्रप्रभ दिगंबर जैन मंदिरजी से वाहन रैली के रूप में निकले और कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने से पहले समाज के प्रमुख वक्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुए घटना को महज सड़क हादसा मानने से इनकार किया। उन्होंने इसे “जानबूझकर की गई हत्या” बताते हुए आरोपी पर हत्या का प्रकरण दर्ज करने और संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की मांग की। समाजजनों ने कहा कि जैन साधु-संत निहत्थे, अहिंसक और पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं, जो समाज को शांति, संयम और अहिंसा का संदेश देते हैं। ऐसे संतों पर लगातार बढ़ रही दुर्घटनाएं और हमले बेहद चिंताजनक हैं। समाजजनों ने स्पष्ट कहा कि यदि संतों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आगे बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन में बताया गया कि 20 मई 2026 को रीवा में जैन धर्म की तीन आर्यिका माताजी को असामाजिक तत्वों द्वारा कथित रूप से फोर व्हीलर वाहन से जानबूझकर टक्कर मारी गई, जिससे दो माताजी का दुखद निधन हो गया और एक घायल होकर इलाजरत है। घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर हत्या सहित कठोर धाराओं में कार्रवाई की जाए।
संयुक्त हिन्दू समाज ने भी जताया समर्थन
इस अवसर पर संयुक्त हिन्दू समाज के पदाधिकारियों ने भी उपस्थित होकर घटना की कड़ी निंदा की और जैन समाज की मांगों का समर्थन किया। सभी वक्ताओं ने कहा कि संत-महात्माओं की सुरक्षा समाज और शासन की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए। इस दौरान श्री सकल जैन श्री संघ के प्रकाश मूणत, समाजसेवी ओम अग्रवाल, एडवोकेट फतेहलाल कोठारी, राजेंद्र खाबिया, डॉ. सविता जैन (दीदी), मणिलाल सिसोदिया, रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन प्रीतेश गादिया, डायरेक्टर एडवोकेट सुनील पारिख, अशोक चौटाला, विनोद मूणत, हिम्मत गेलड़ा, पूर्व महापौर पारस सखलेचा, अशोक चोपड़ा, बाबूलाल सेठिया, राजेश सियार, संदीप चौरड़िया, अनिल बोहरा, नरेंद्र गोधा, जयंतीलाल पानौत, अजय बाकीवाला, अभय जैन, कीर्ति बड़जात्या, प्रदीप छिपानी, निर्मल सावला, नितिन लोढ़ा, पार्षद धर्मेंद्र रांका, जयंत जैन, अशोक भानौत, एडवोकेट सुनील जैन, पत्रकार सुधीर जैन, नीलेश बाफना, सौरभ कोठारी, संजय पारख, मुकेश गांधी, कमल पापरीवाल, डॉ. निर्मल जैन, डॉ. पदम घाटे, राजेश विनायका, आशीष बाकलीवाल, अनिल पापरीवाल, हार्दिक मेहता, प्रकाश लोढ़ा, हार्दिक शाह, डॉ. राजेश सोनी सहित बड़ी संख्या में समाजजन व विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे। ज्ञापन का वाचन मांगीलाल जैन ने किया। आभार एडवोकेट पंकज बिलाला ने माना।
ये की गई मुख्य मांगे
0 रीवा घटना के दोषियों पर हत्या सहित कठोर धाराओं में कार्रवाई हो।
0 घटना की SIT या न्यायिक जांच कराई जाए
0 पदयात्रा करने वाले साधु-संतों को प्रशासनिक सुरक्षा प्रदान की जाए।
0 संत समाज की सुरक्षा हेतु स्थायी एवं प्रभावी सुरक्षा नीति बनाई जाए।
0 भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।