झाबुआ जिले के युवकों ने रैकी कर की थी सराफा दुकान में वारदात, लाखों रुपयों के आभूषण चुराकर ले गए थे, दो गिरफ्तार

- ग्राइंडर से काटे से दुकान के शटर के ताले, सोने-चांदी के जेवर, पिस्टल, कारतूस, ग्राइंडर व चोरी करने के अन्य औजार जब्त

झाबुआ जिले के युवकों ने रैकी कर की थी सराफा दुकान में वारदात, लाखों रुपयों के आभूषण चुराकर ले गए थे, दो गिरफ्तार
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✍  सर्च इंडिया न्यूजरतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के सैलाना नगर में चार दिन पहले सराफा दुकान से करीब नौ लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण चुराने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में पुलिस ने झाबुआ जिले के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने रैकी कर दुकान के शटर के ताले ग्राइंडर से काटकर वारदात को अंजाम दिया था। चुराए गए आभूषण आरोपियों ने नाले के पास झाड़िओं ने गड्ढा खोदकर छिपा दिए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर आभूषण जब्त कर लिए है। साथ ही आरोपियों के पास से बगैर नंबर की एक बाइक, ग्लाइंडर, चोरी के लिए उपयोग किए औजार के अलावा एक पिस्टर, एक जिंदा कारतूस और चले हुए एक कारतूस का खोखा भी जब्त किया है।
        एसपी अमित कुमार ने सोमवार को पुलिस कंट्रोल रूम सभाकक्ष में आयोजित पत्रकारवार्ता में आरोपियों की गिरफ्तारी का खुलासा करते हुए बताया कि फरियादी प्रेम जैन निवासी सैलाना ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 20 व 21 मई 2026 की दरमियानी अज्ञात बदमाश सैलाना के चंद्रशेखर मार्ग पर उनकी “शत्रुंजय ज्वेलर्स” नाम से स्थित दुकान के शटर के ताले ग्राइंडर से काट कर दुकान में घुसे थे। चोर दुकान से करीब नौ लाख रुपए कीमत की करीब साढ़े चार किलो चांदी के जेवर और करीब 15 वजनी सोने के आभूषण चुराकर ले गए थे। बीएनएस की धारा 331(4) व 305(ए) में प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पता चला  कि वारदात आरोपी 25  वर्षीय आनंद गुर्जर पिता सुंदरलाल गुर्जर व 30 वर्षीय  विकास उर्फ फरीद हुसैन पिता मोहम्मद हुसैन दोनों निवासी झकनावदा जिला झाबुआ ने की है। इसके बाद दोनों की तलाश कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
                  अनेक वारदातें कबूली
     पूछताछ में आरोपियों ने बताया उन्होंने सराफा दुकान के पहले सैलाना नगर के ही कीर्तिविहार में एक स्थान पर चोरी की थी। इसके अलावा वे बिलपांक थाना क्षेत्र के ग्राम कमेड में स्थित हिंगलाज माता मंदिर तथा पेटलावद व झाबुआ में भी चोरी की वारदात कर चुके है। वहीं उन्होंने ग्राम दलौदा जिला मंदसौर से एक बाइक व राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित सांवरिया सेठ मंदिर क्षेत्र से एक बाइक चोरी करना भी स्वीकार किया है। उक्त वारदातों के संबंध में संबंधित थाना क्षेत्रों से समन्वय स्थापित कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
              एक दुकान में घुसा था और दूसरा 
                 बाहर निगरानी कर रहा था
    एसपी अमित कुमार ने बताया कि आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए एएसपी विवेक कुमार के मार्गदर्शन व सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल के नेतृत्व में सैलाना,  बिलपांक   व रावटी थाना और सायबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई थी। टीम ने घटना स्थल एवं आसपास  लगे अनेक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। रतलाम पुलिस द्वारा ऑपरेशन सुरक्षा कवच के माध्यम से जनसहयोग से रतलाम शहर में लगभग 400 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है,  जिनका फीड सीसीटीवी कंट्रोल रूम पर लिया गया है। लगभग 260 शासकीय कैमरे लगाए गए है। कैमरों की मदद से आरोपियों को ट्रैक किया गया। घटना स्थल के फुटेज में एक आरोपी दुकान के अंदर प्रवेश कर आभूषण पीले रंग के प्लास्टिक के कट्टे में भरते हुए दिखाई दिया। वहीं दूसरा आरोपी बाहर निगरानी करता पाया गया। तकनीकी विश्लेषण,  सीसीटीवी फुटेज एवं मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा उक्त संदिग्ध आरोपियों की तलाश करते हुए टीम झाबुआ जिले के ग्राम झकनावदा पहुंची। इसी बीच पता चला कि आरोपी ग्राम करिया से दौलतपुरा जाने वाले मार्ग पर है, घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उन्होंने सराफा दुकान में वारदात स्वीकार किया।
                    गड्ढे में छिपा दिए थे जेवर
    पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने आभूषणों का बंटवारा कर लिया था तथा आभूषण ग्राम करिया-दौलतपुरा मार्ग पर स्थित नाले के पास झाड़ियों में गड्ढा खोदकर उसमें छिपा दिए है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी के आभूषण जब्त कर लिए। साथ ही आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त ग्राइंडर मशीन, पेचकस, प्लायर एवं अन्य औजार, बगैर नंबर की एक बाइक, एक देशी पिस्टल, एक जिंदा कारतूस एवं एक खाली राउंड भी बरामद किया है। जप्त हथियार एवं उपकरणों के संबंध में अलग से जांच की जा रही है।
                    इनकी रही भूमिका
     आरोपियों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने में सैलाना थाना प्रभारी पिंकी आकाश, बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान, निरीक्षक सुरेंद्रसिंह गड़रिया, एसआई आनंद बागवान,  राजा तिवारी (सीसीटीवी प्रभारी),  एएसआई शंकरसिंह शक्तावत, सिताराम तेनीवार, हितेन्द्र सिंह,  प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा,  लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, हिम्मत सिंह, आरक्षक विपुल भावसार,  तुषार सिसोदिया, प्रधान आरक्षक संदीप भदौरिया, दिलीप रावत, आतिश धानक,    निरंजन त्रिपाठी,  नारायणसिंह जादौन,  शांतिलाल  डिंडोर,  प्रधान आरक्षक चालक पप्पू वाघेला,  आरक्षक माखनसिंह सुरमा, अवधेश परमार,  अभिषेक पाठक,  अर्चित दुबे,  फकीरचंद सोलंकी,  तूफान भूरिया,  अर्जुन मकवाना, यशपाल धनगर,   पारस चावला,  समरथ डुडवे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।  एसपी ने  टीम को  पुरुस्कृत करने की घोषणा की।