पर्यटकों के लिए खुशखबरी : 22 अगस्त से फिर दौड़ेगी पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन
- यात्रा के दौरान जंगल, झरनों, सुरंगों और प्राकृतिक वादियों का देख सकेंगे नजारा, सप्ताह में तीन दिन चलेगी ट्रेन
✍ सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम, रतलाम।
पर्यटकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश के इंदौर के पास महू की वादियों में पातालपानी से कालाकुंड के बीच चलने वाली पातालपानी-कालाकुंड हैरिट्रेज ट्रेन को रेलवे 22 अगस्त 2026 से पुन: शुरू करने जा रहा है। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन शुक्रवार, शनिवार एवं रविवार को चलेगी। करीब दस किलोमीटर के सफर के दौरान यात्री जंगल, झरनों, सुरंगों और प्राकृतिक वादियों के नजारे का लुफ्त उठा सकेंगे।
रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पश्चिम रेलवे द्वारा यात्रियों की मांग को ध्यान में रखते हुए पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन पुन: शुरू की जा रही है। यह ट्रेन 22 अगस्त 2026 से प्रति शुक्रवार, शनिवार एवं रविवार को चलेगी। ट्रेन संख्या 52965 पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन सुबह 11.05 बजे पातालपानी से चलकर दोपहर 13.05 बजे कालाकुंड पहुँचेगी तथा वापसी में ट्रेन संख्या 52966 कालाकुंड-पातालपानी हेरिटेज ट्रेन कालाकुंड से 15.34 बजे चलकर 16.30 बजे पातालपानी पहुंचेगी। इस ट्रेन में दो एसी चेयरकार C1 व C2 एवं चार नॉन एसी चेयर कार D1 , D2 व D3 कोच रहेंगे।
इस हेरिटेज ट्रेन में आने-जाने के लिए अलग-अलग टिकट लेना होगा। इस ट्रेन में सफर करने के लिए एक दिशा के लिए एसी चेयर कार का किराया 270 रुपए एवं नॉन एसी चेयर कार का किराया 20 रुपए प्रति टिकट प्रति व्यक्ति रहेगा।
ट्रेन संख्या 52965/52966 पातालपानी- कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन की बुकिंग सभी पीआरएस काउंटरों और आईआरसीटीसी वेबसाइट पर शुरू कर दी गई है ट्रेनों के ठहराव और संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।
वर्ष 2018 में हुई थी शुरुआत
पातालपानी से कालाकुंड की वादियों के ट्रैक को 2018 में हेरिटेज ट्रैक घोषित किया गया था। इसी के साथ मध्य प्रदेश की एकमात्रा पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेड ट्रेन की शुरुआतकी गई थी। पातालपानी से कालाकुंड तक चलने वाली यह हेरिटेज ट्रेन शुरुआत से ही यात्रियों को खूब रास आई। प्रत्येक वर्ष वर्षा काल में इसका संचालन किया जा रहा था। बीच-बीच में मेनटेनेंस व अन्य कारणों से इसे स्थगित किया गया था। यह मीटर गेज रेलवे लाइन वर्ष 1877 में बिछाई गई थी। कुछ वर्ष पहले इस ट्रैक को बंद करने की योजना थी, लेकिन पर्यटन स्थल को देखते हुए यहां छोटी ट्रेन चालू रखी गईं।