रतलाम प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार शरद जोशी का निधन, अंतिमयात्रा 10 अगस्त को

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रतलाम प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ पत्रकार शरद जोशी का निधन, अंतिमयात्रा 10 अगस्त को
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✍️ सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम,रतलाम।  
वरिष्ठ पत्रकार शरद जी जोशी का इन्दौर के निजी चिकित्सालय में उपचार के दौरान 09 अगस्त 2026 को निधन हो गया। वे दैनिक स्वदेश एवं हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी के विशेष प्रतिनिधि थे। वे रतलाम प्रेस क्लब,जिला सहकारी संघ के अध्यक्ष रहे तथा मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के वरिष्ठ मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष रहे। 74 वर्षीय शरद जी  जोशी जिला रेडक्रॉस सोसायटी के डायरेक्टर सहित अनेक शैक्षणिक संस्थाओं,सामाजिक संगठनों सहित अनेक सहकारी संस्थाओं, सहकार भारती में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहे। छात्र राजनीति से ही अनेक पदों पर रहकर अपनी पहचान बनाई। भाजपा के जिला प्रवक्ता के साथ संघ से भी जुड़े रहे। वे नागरिक बैंक रतलाम के भी वर्षों तक अध्यक्ष रहे। 
उनके  परिवार में उनकी पत्नी  उषा जोशी व दो पुत्र अभिजीत जोशी व ईशान जोशी हैं। स्व. अशोक जोशी (मुंबई), स्व. डॉ. दिनेश जोशी (रतलाम), स्व. डॉ. विजय जोशी (आगर), स्व. डॉ. जय किरण जोशी (बड़नगर), आपके भाई थे।   नरेश मेहता ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त एवं नंदकिशोर भट्ट राज्यसभा सांसद आपके मामा थे एवं ख्यात गीतकार कवि प्रदीप आपके ताऊजी थे। शरदजी जोशी के निधन से पत्रकार जगत और सहकारिता जगत में शोक व्याप्त है। अंतिम यात्रा उनके पैलेस रोड़ स्थित निवास से 10 अगस्त 2026 को प्रातः 10 बजे निकलेगी।
                    सहज और सरल व्यक्तित्व
   वरिष्ठ पत्रकार शरद जी जोशी निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकार होने के साथ ही सहज और सरल व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने पूरा जीवन पत्रकारिता में बिताया। पत्रकारिता के अलावा राजनीतिक और सामाजिक संस्थाओं के  विभिन्न पदों पर रहते हुए भी हमेशा उन्होंने निष्पक्षता से काम किया । वे बेबाक और स्पष्टता के साथ अपनी बात रखने के लिए भी पहचाने जाते हैं। वे पीड़ितों और शोषितों की हमेशा आवाज उठाते रहे।  जनसमस्याओं और जनता के आम मुद्दों पर शासन और प्रशासन के खिलाफ कलम चलाने में भी वे कभी पीछे नहीं रहे। पत्रकारों के हितों के लिए वे हमेशा संघर्षरत रहे। उन्होंने कई पत्रकारों को लिखना सिखाया और आगे बढ़ाया। उनसे पत्रकरिता के क्षेत्र में मैने और कई पत्रकारों ने बहुत कुछ सीखा है। उनका दुनिया छोड़कर जाना पत्रकारिता के क्षेत्र में बड़ी क्षति है।