चायना डोर बनी जान की दुश्मन, दंपति सहित चार घायल, युवक की श्वास नली कटी
-युवक का आपेरशन कर लगाए गए करीब 25 टांके, पत्रकार व अन्य लोगों ने अस्पताल पहुंचाकर की मदद
✍सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम ।
चायना डोर (मांझा) से हर साल कई हादसे होते है। प्रशासन द्वारा दो दिन पहले ही चायना डोर के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन इसके बाद भी जिले में चायना डोर की बिक्री हो रही है। रक्षबंधन पर्व में कई लोग चायना की डोर से पतंग उड़ाते रहे तथा चायना डोर की चपेट में आने से एक युवक सहित चार लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डोर से एक युवकों के गले में गंभीर चोट आई है। इनमें से एक युवक के गले की तो श्वास नली कट गई और काफी खून बह निकला। उसे एक पत्रकार व अन्य राहगीरों ने तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों की टीम ने करीब 45 मिनट तक उसका आपरेशन कर करीब 25 टांके लगाकर गला व श्वास नली रिपेयर की।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 18 वर्षीय समीर खान पुत्र स्वर्गीय शकूर खान निवासी बापूनगर (सेजवता फंटा के पास) शनिवार शाम करीब पौने पांच बजे घर से बाइक पर सवार होकर कुछ सामान खरीदने बाजार जा रहा था। वह जावरा रोड पर घटला ब्रिज के समीप गैस गोदाम के पास पहुंचा था, तभी आसमान की तरफ से कटी पतंग की डोर उसके गले में आकर गिरी और गले को काटते हुए अंदर तक जा फंसी। इससे उसके गले से खून बहने लगा। वह बाइक रोक कर खड़ा हो गया तथा राहगीरों से मदद मांगने लगा। इसी बीच वहां से बाइक पर जा रहे पत्रकार समीर खान निवासी पुराना आरटीओ आफिस के पास ने उसे देखा तो वे उसके पास पहुंचे तथा दांतों से डोर काटकर उसके गले से निकालकर अलग की। इसी बीच राहगीर पप्पू वसुनिया निवासी बापू नगर, शीला वर्मा निवासी डोसीगांव पीएम आपास मल्टी व अन्य लोग भी पहुंचे। पत्रकार समीर खान ने पप्पू व शीला वर्मा से घायल समीर को अस्पताल ले जाने का निवेदन किया। पप्पू व शीला एक बाइक पर बैठाकर घायल समीर को अस्पताल ले गए, जहां सर्जन डॉ. गोपाल यादव, ईएनटी सर्जन डॉ. अजय पाटीदार, ड्यूटी डॉक्टर अभिषेक अरोड़ा व उनकी टीम ने करीब 45 मिनट तक आपरेशन कर घायल समीर का गला व श्वास नली को रिपेयर किया। समीर के गले में करीब 25 टांक लगाए गए। आपरेशन के बाद उसे आइसीयू में शिफ्ट किया गया। वह अभी बोल नहीं पा रहा है। खबर फैलने पर उसकी मां शहनाज, आसपास के अन्य लोग तथा परिचित अस्पताल पहुंचे। समीर गरीब परिवार से होकर परिवार में मां-बेटे ही है। मां ने बताया कि समीर उनका इकलौता पुत्र है। समीर के पिता का छह वर्ष पहले निधन हो चुके है।
मसल्स भी डेमेज हुई, हालत स्थिर
घायल समीर खान को अस्पताल लाए जाने पर डॉक्टरों की टीम तत्काल उसके इलाज में जुट गई। उसे आपरेशन रूम में ले जाया गया तथा कुछ ही देर में उसकी आपरेशन शुरू किया गया। डॉक्टरों का कहना था कि समीर को समय पर अस्पताल लाया गया, यदि कुछ देर हो जाती तो उसकी जान जा सकती थी। डॉ गोपाल यादव व डॉ अजय पाटीदार ने बताया कि समीर का गला पतंग की डोर से कटा, गले की मसल्स भी डेमेज हुई है तथा श्वास नली करीब पूरी कट गई थी। आपरेशन कर रिपेयर किया गया है। उसका इलाज किया जा रहा है, हालत अभी स्थिर है।
दपंति व बालक भी घायल
घायल समीर खान के साथ जहां घटना हुई उससे करीब दो सौ मीटर दूर घटला ब्रिज के आगे मछली मार्केट के पास चायना डोर की चपेट में आने से 25 वर्षीय आनंद गोसर व उनकी पत्नी मुस्कान घायल हो गए। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार रक्षाबंधन पर्व मनाने आनंद गोसर पत्नी को बाइक पर बैठाकर दोपहर करीब साढ़े तीन बजे नाहरगढ़ (मंदसौर) स्थित ससुराल जा रहे थे। वे मछली मार्केट के पास पहुंचे थे, तभी कहीं से पतंग की डोर आनंद के गले पर आकर गिरी, जिससे गले में काफी चोट आई। उन्होंने डोर हाथ से पकड़कर दूर करने का प्रयास किया तो उनके हाथ की अंगूलियों में भी चोटे आई व खून निकलने लगा। उनकी पत्नी ने डोर हटाने का प्रयास किया तो उनके भी हाथ में चोट आई। उधर, शाम करीब सवा छह बजे लक्कड़पीठा से लगे छोटूभाई की बगीची क्षेत्र में पतंग की डोर से छह वर्षीय नैतिक पिता श्याम बंजारा घायल हो गया। उसके पैर की एडी में चोट आइ है। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। पिता ने बताया कि नैतिक घर के बाहर खेल रहा था, कहीं डोर पड़ी थी जो उसके पैर में उलझ गई और उसके उल्टे पैर की एडी के पीछे का भाग कट गया।
दांतों से काटकर अलग की डोर
पत्रकार समीर खान ने बताया कि वह घटला ब्रिज के पास से गुजर रहा था, तभी उन्होंने ने समीर को बाइक के साथ घायल अवस्था में खड़ा देखा। उसके गले से खून निकल रहा था तथा वह कह रहा था कि मेरी मदद करो। उन्होंने तत्काल देर किए उसके गले में फंसी डोर को दांतों से काटकर अलग किया तथा पप्पू वसुनिया, शीला वर्मा से निवेदन किया किया कि घायल को तत्काल अस्पताल ले चलो। वे पुलिस कार्रवाई से डर रहे थे, उन्होंने उनसे कहा कि मैं ग्यारंटी लेता हूं, पुलिस आपकों परेशान नहीं करेगी। तब वे दोनों उसे बाइक पर बैठाकर अस्पताल ले गए। पप्पू वसुनिया व शीला वर्मा ने बताया कि वे अपने दोस्त राहुल बैरागी व सुमित पाल के साथ जा रहे थे। समीर को घायल देखकर रुके तथा उसे अस्पताल लेकर आए। इन तीनों द्वारा की गई मदद की अस्पताल में उपस्थित लोगों ने सराहना करते हुए प्रशासन से तीनों को पुरस्कृत करने की मांग की है। लोगों का कहना था कि तीनों मददगारों को स्वत्रंतता दिवस समारोह में पुरस्कृत किया जाना चाहिए।
पुलिस ने दुकानों पर की जांच, दो हिरासत में
घटनाओं को बाद प्रशासन सक्रिय हुआ तथा पुलिस टीमों ने शहर कई मांझा (डोर) व पतंग बेचने वालों की दुकानों पर जाकर जांच की। सूत्रों के अनुसार पुलिस द्वारा अलग-अलग स्थानों से दो दुकानकारों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस उनसे चायना डोर के संबंध में पूछताछ कर रही है।
हेल्पलाइन पर दे सूचना
जिला प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित किए गए चायना डोर (मांझा) तथा नायलॉन डोर (मांझा) का रतलाम जिले में कहीं पर भी विक्रेताओें द्वारा विक्रय किया जाता है या किसी के द्वारा पतंग उड़ाने में इनका उपयोग किया जाता है तो इसकी सूचना तत्काल रतलाम पुलिस द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर 7049162265 या 7049127466 पर दे सकते है। पुलिस ने नागरिकों से अपील है कि जिला प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित किए गए चायना डोर (मांझा) तथा नायलॉन डोर (मांझा) का उपयोग पतंग उड़ाने के लिए नहीं करें यदि कोई ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध वैधानिक कारवाई की जाएगी।