पानी से भरी रपट पार करते समय दो युवक बाइक सहित नदी में गिरे, एक की मौत, दूसरा तैरकर बाहर निकला

दस साल बाद भी रपट की जगह नहीं बनी ऊंची पुलिया, ग्रामीणों की मांग जन्द बनाई जाए पुलिया

पानी से भरी रपट पार करते समय दो युवक बाइक सहित नदी में गिरे, एक की मौत, दूसरा तैरकर बाहर निकला
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✍️ सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम रतलाम
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के ताल थाना क्षेत्र में ग्राम आनाखेड़ी के पास चंबल नदी की रपट (छोटी पुलिया) पर उस समय बड़ा हादसा हो गया, जब दो युवक बहते पानी में नदी की रपट पार करते समय संतुलन बिगड़ने से बाइक सहित नदी में जा गिरे। एक युवक जैसे-तैसे तैरकर लोगों की मदद से बाहर निकल आया लेकिन दूसरा युवक गहरे पानी में चला गया और उसकी मौत हो गई।
     जानकारी के अनुसार 17 सितंबर 2026 की दोपहर 30 वर्षीय बिट्टूनाथ निवासी ग्राम मंडवाल (ताल) और उसकी बुआ का लड़का 24 वर्षीय मांगूनाथ उर्फ मांगीलाल पिता गोपीनाथ निवासी ग्राम लूनी (ताल) बाइक पर मंडावल से ताल होकर ताल-असावती-सीतामऊ मार्ग से होकर मंदसौर जिले में स्थित सीतामऊ जा रहे थे। तभी ग्राम आसवती व आनाखेड़ी के बीच चंबल नदी की रपट पर पानी बह रहा था। वे बहते पानी में ही बाइक से रपट पार करने लगे। इस दौरान संतुलन बिगड़ने से बाइक फिसल गई और दोनों बाइक सहित नदी में जा गिरे। उन्हें नदी में गिरता देख नदी के पास में स्थित मां काली के मंदिर परिसर में बैठे कुछ ग्रामीण बचाव के लिए तत्काल मौके पर पहुंचे और दोनों को बाहर निकालने का प्रयास करने लगे। बिट्टूनाथ को तैरना आता था, वह ग्रामीणों की मदद से बाहर निकल आया लेकिन मांगूनाथ नहीं निकल सका और गहरे पानी में चला गया।  सूचना पर पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद मांगूनाथ को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। नदी में गिरी बाइक को रस्सी से बांधकर बाहर निकाला गया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम कराकर शव परिजन को सौंप दिया गया है, मामले की जांच की जा रही है।
               दस साल में नहीं बनी पुलिया,  जान
               जोखिम में डालकर निकलते हैं ग्रामीण
    रतलाम और मंदसौर जिले को जोड़ने वाले ताल-असावती-सीतामऊ मार्ग पर  ग्राम असावती व आनाखेड़ी के समीप रपट (पुलिया छोटी) होकर काफी नीचे है। बारिश में जलस्तर बढ़ने पर रपट पर पानी आ जाता है और कई दिनों तक आवागमन ठप रहता है। पानी बहने के दौरान कई ग्रामीण जान जोखिम में डालकर रपट से बहते पानी से निकलते हैं, जिससे हादसे होने का अंदेशा बना रहता है। उक्त रपट के स्थान पर बड़ी व ऊंची पुलिया बनाने का कार्य काफी समय पहले स्वीकृत किया गया था और दूसरी पुलिया बनाने का काम भी शुरू किया गया था,  लेकिन अभी तक ऊंची पुलिया का निर्माण नहीं किया जा सका है।  आसवती के समाजसेवी प्रेमराज परमार ने बताया कि  करीब दस वर्ष पहले ऊंची पुलिया बनाने का काम शुरू किया गया था, लेकिन कुछ निर्माण होने के बाद काम रोक दिया गया था। निर्माण ठीक से नहीं होने पर उक्त अधूरे निर्माण को ढहा दिया गया। बाद में दूसरे ठेकेदार को ठेका दिया गया लेकिन फिर भी पुलिया का निर्माण नहीं हो पाया। हमने ग्रामीणों के साथ मिलकर 16 जून 2026 को पुलिया का निर्माण करने की मांग को लेकर धरना भी दिया था। अधिकारियों ने शीघ्र्र निर्माण शुरू करने का आश्वासन दिया था। ऊंची पुलिया का निर्माण जल्द कराया जाए, ताकि हादसे न हो।
अपील-  बहते पानी में कभी भी कोई भी रपट या पुलिया पार करना जानलेवा हो सकता है, सावधानी बरतें और कभी भी रपट या पुलिया से बहते पानी से न निकले