फसलों को अब खुले मौसम व धूप की जरूरत, जलाशयों को चाहिए भारी बारिश

- रतलाम जिले में इस आल अब तक 14.90 इंच ही हुई बारिश, जबकि पिछले वर्ष इस अवधि तक हो चुकी थी 22.41 इंच बारिश

फसलों को अब खुले मौसम व धूप की जरूरत, जलाशयों को चाहिए भारी बारिश

सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम, रतलाम। 
मध्य प्रदेश के अन्य जिलों के साथ ही रतलाम जिले में विलंब से मानसून तो लौट आया लेकिन जैसी उम्मीद थी वैसी बारिश नहीं हो रही है। रतलाम जिले में वैसे आमतौर पर 01 से 15 जून तक मानसून आता है, लेकिन इस बार 27 जून से मानसून आया और फिर 07 जुलाई से मानसून थम गया था। लंबे ब्रेक के बाद 20 जुलाई से मानसून पुन: लौटा लेकिन मानसून की रफ्तार कम रही और कभी हल्की को कभी कुछ देर के लिए तेज बारिश होती रही। दो सप्ताह से जिले के अधिकांश क्षेत्रों  में रूक-रूक कर रिमझिम बारिश हो रही है। प्रतिदिन कुछ समय के लिए हो रही बारिश व बादलों के छाए रहने से खेतों में बहुत ज्यादा नमी हो गई और फसलें अच्छी स्थिति में हैं, लेकिन अब फसलों को करीब एक सप्ताह तक खुले मौसम व धूप की जरूरत है।
    रतलाम जिले में इस वर्ष अब तक (01 जून से 07 अगस्त तक) 14.90 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस अवधि तक जिले में 22.41 इंच बारिश हो चुकी थी। पिछले वर्ष के मुकाबले अभी भी जिले में 07.51 इंच कम पानी गिरा है। पिछले वर्ष इस अवधि तक जलाशयों में अच्छा पानी भर गया था लेकिन इस वर्ष अभी जलाशय काफी खाली है और उन्हें भारी बारिश की जरूरत है। किसानों का कहना है कि पिछले दो सप्ताह से हो रही बारिश से सोयाबीन, मक्का आदि की फसल तो काफी अच्छी स्थिति में है और उनकी ग्रोथ भी अच्छी है, लेकिन अब फसलों को और अच्छी ग्रोथ के लिए खुले मौसम व धूप की जरूरत है। लगातार बादलों के छाए रहने के कारण पौधों को पर्याप्त धूप नहीं मिल रही है, जिससे उनकी लंबाई और विकास पर असर पड़ने लगा है। हवा में अधिक नमी और रिमझिम पानी से विशेष कर सोयाबीन की फसल में कीटों या रोगों का खतरा बढ़ गया है। धौंसवास के किसान सुरेश पाटीदार ने बताया कि अब तक बारिश फसलों के मुताबिक हो चुकी है लेकिन अब फसलों को एक सप्ताह तक खुला मौसम व धूप चाहिए, ताकि खेतों में बहुत ज्यादा हो चुकी नमी कम हो, नमी कम होने से फसलों का विकास अच्छा होगा। किसानों को खेतों में सफाई करने का अवसर भी मिलेगा। वहीं जलाशयों में पानी की कमी है, एक सप्ताह बाद भारी बारिश चाहिए ताकि जलाशयों में पानी भर सके। उधर, मौसम विशेषज्ञोँ के अनासर रतलाम जिले में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश का अनुमान अभी नजर नहीं आता है। 15 अगस्त तक आसपास में बादल छाए रहेंगे, कुछ समय के लिए धूप भी निकलेगी और कहीं-कहीं हल्की बारिश व बौछारे गिरने का अनुमान है।
                 बाजना में सबसे कम और रतलाम
                  तहसील में सबसे ज्यादा बारिश
     मौसम विभाग के अनुसार पिछले साल से इस साल अब तक हुई बारिश की तुलना करें तो, इस वर्ष अब तक रतलाम जिले की आठ तहसीलों में से रतलाम तहसील में सबसे ज्यादा 21.02 इंच बारिश हो चुकी है। जबकि अब तक सबसे कम बारिश इस साल बाजना तहसील में 10.39 इंच दर्ज की गई है। जबकि पिछले वर्ष इस अवधि तक रतलाम तहसील में 22.36 और बाजना तहसील में 16.45 इंच बारिश हुई थी। अन्य तहसीलों की बात करें तो इस वर्ष अब तक आलोट तहसील में 15.98, जावरा तहसील में 15.59 इंच, ताल तहसील में 11.53 इंच, पिपलोदा तहसील में 16.92 इंच, रावटी में 12.79 इंच और सैलाना तहसील में 15 इंच ही बारिश हुई है। जबकि पिछले वर्ष इस अवधि तक आलोट तहसील में 18.70 इंच, जावरा तहसील में 22.48 इंच, ताल तहसील में 12.40 इंच, पिपलोदा में 25.43, रावटी में 25. 90 और सैलाना तहसील में 35.55 इंच बारिश हुई थी।