रतलाम में लोकायुक्त टीम ने ग्राम पंचायत के सचिव को रिश्वत लेते पकड़ा

शासकीय जमीन की रजिस्ट्री शून्य करने के लिए एसडीएम न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई करने के लिए ली थी दस हजार रुपए की रिश्वत

रतलाम में लोकायुक्त टीम ने ग्राम पंचायत के सचिव को रिश्वत लेते पकड़ा
लोकायुक्त टीम के सदस्य आरोपी सचिव को पकड़े हुए तथा दूसरे चित्र में सर्किट हाउस पर कार्रवाई करते हुए।

सर्च इंडिया न्यूज,रतलाम। 
लोकायुक्त पुलिस उज्जैन के दल ने बरबड़ रोड स्थित एक होटल में एक व्यक्ति से दस हजार रुपए की रिश्वत लेते ग्राम पंचायत बांगरोद सचिव आरोपी महेश जाट को रंगे हाथ पकड़ा। आरोप है कि उसने शासकीय जमीन की रजिस्ट्री शून्य करने की कार्रवाई करने के लिए  रिश्वत ली थी।  टीम ने सचिव के कब्जे से रिश्वत के रुपए जब्त किए। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लोकायुक्त जांच कर रही है। 
       लोकायुक्त उज्जैन के निरीक्षक दीपक शेजवार ने मीडिया से चर्चा करते हुए जानकारी दी कि आवेदक राहुल बैरागी पिता बालमुकुंद बैरागी निवासी ग्राम बांगरोद ने 28 अगस्त 2025 को उज्जैन लोकायुक्त। कार्यालय आकर लोकायुक्त एसपी आनंद यादव को लिखित शिकायत की थी कि कुछ लोगो ने उसके घर के पास स्थित शासकीय जमीन की अवैध रूप से रजिस्ट्री करवा ली है। इसके खिलाफ उसने एसडीएम न्यायालय (रतलाम ग्रामीण) में केस लगाया था। सुनवाई के बाद एसडीएम न्यायालय ने ग्राम पंचायत को रजिस्ट्री को शून्य करने की कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। आदेश का पालन कराने के लिए राहुल बैरागी ग्राम पंचायत के सचिव आरोपी महेश जाट से मिला तो महेश जाट ने उससे आदेश के पालन की कार्रवाई करने के लिए 10 हजार रुपए की  रिश्वत  मांगी थी।  लोकायुक्त एसपी द्वारा शिकायत का सत्यापन कराया गया तो शिकायत सही पाई गई।तब लोकायुक्त टीम ने सचिव महेश जाट को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। योजना के तहत लोकायुक्त की टीम डीएसपी राजेश पाठक के नेतृत्व में मंगलवार दोपहर रतलाम पहुंची तथा बरबड़ रोड पर साक्षी पेट्रोल पंप के पास चाय की एक होटल पर के आसपास घेराबंदी की।  कुछ देर बाद राहुल बैरागी ने होटल में सचिव महेश जाट को जाकर 10 हजार रुपये दिए तथा बाहर आकर इशारा किया। इशारा मिलते ही टीम के सदस्य होटल में पहुंचे तथा सचिव महेश जाट को पकड़ लिया। सचिव ने रुपए पेंट की जेब में रख लिए थे, टीम के सदस्यों ने उसकी जेब से रुपए जब्त किए। इसके बाद उसे सर्किट हाउस ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ प्रकरण सम्बन्धी शेष कार्रवाई गई। टीम में निरीक्षक दीपक शेजवार, आरक्षक श्याम शर्मा, अनिल आटोलिया, शिवकुमार शर्मा, संदीप कदम, रमेश डाबर शामिल थे।