सर्दी ने दिखाया असर, ठिठुरन बड़ी, रात और दिन का पारा गिरा, शीतलहर के साथ ओंस भी गिरने लगी

- दो दिन में रात का पारा करीब 3 और दिन का पारा करीब 6 डिग्री सेल्सियस गिरा

सर्दी ने दिखाया असर, ठिठुरन बड़ी, रात और दिन का पारा गिरा, शीतलहर के साथ ओंस भी गिरने लगी
--------------------------------------------------------------------

सर्च इंडिया न्यूज,रतलाम।
नया साल शुरू होने के साथ सर्दी  ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। दो दिन से शीतलहर चल रही है और शनिवार रात को आठ बजे से ओंस भी गिरने लगी है। दो दिन में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।  01 जनवरी को जहां अधिकतम तापमान (दिन का तापमान) 26 डिग्री सेल्सियस था तो 3 जनवरी को गिरकर 20.2 डिग्री सेल्सियस हो गया। इस प्रकार अधिकतम तापमान में दो दिन में 5.2 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई।  वहीं 01 जनवरी की रात न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री था तो 02 जनवरी की रात गिर कर 09.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। अचानक बड़ी सर्दी  से लोग परेशान होने लगे है तथा दिन में भी लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। वही दो दिन से कोहरा भी हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में सुबह  10  बजे 11.30 बजे तक तक कोहरा रह रहा है। वहीं रात में लोग सर्दी से बचने के अलाव का भी सहारा ले रहे है। 
    सर्दी बढ़ने व सुबह कोहरा होने से विशेष कर सुबह ड्यूटी करने वाले लोगों तथा खेतों में काम करने जाने वाले किसानों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धूप की तेजी भी कम हो गई है और शीतलहर चलने से विशेषकर बाइक व अन्य दोपहिया वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोहरे के कारण विजिबलिटी कम रही, सुबह 04 से 08 बजे तक तो कोहरा इतना रहा कि 25 मीटर दूर तक कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। सर्दी के मौसम में दिसम्बर में कभी शीतलहर नहीं चली। लेकिन नया साल शुरू होने के साथ ही शीतलहर ने भी अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। इसके कारण दिन में भी लोग ठिठुरते रहे और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करने लगे है। 
                 स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी 
       ठंड व शीतलहर से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एडवायरी जारी की है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शीत लहर का प्रभाव प्रत्येक वर्ष दिसंबर-जनवरी के महीनों में होता है और कभी-कभी विस्तारित शीतलहर की घटनाएं नवंबर से फरवरी तक होती है। मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार वैश्विक तापमान में विभिन्न मौसमों के दौरान काफी भिन्नताएं सामने आ रही है और उसका भी पर्यावरण, स्वास्थ्य, कृषि, पशुधन, आजीविका, सामाजिक अर्थव्यवस्था और अन्य संबद्ध क्षेत्रों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। वर्तमान में शीत ऋतु में शीत-घात (शीत लहर) की वजह से अनेक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है। सीएमएचओ के अनुसार सर्दी, खांसी एवं जुकाम आदि के लक्षण होने, अल्प तापवस्था के लक्षण जैसे सामान्य से कम शरीर का तापमान, न रूकने वाली कपकपी, याददास्त चले जाना, बेहोशी या मूर्छा की अवस्था का होना, जबान का लड़खड़ाना आदि प्रकट होने पर चिकित्सक से संपर्क कर उपचार प्राप्त करें। सर्दी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े जैसे दस्ताने, टोपी, मफलर, एवं जूते आदि पहने। शीतलहर के समय चुस्त कपड़े ना पहने यह रक्त संचार को कम करते है, इसलिए हल्के ढीले-ढालें एवं सूती कपड़े बाहर की तरफ एवं उनी कपड़े अंदर की तरफ पहने। शीत लहर के समय जितना संभव हो सके घर के अंदर ही रहें और कोशिश करें कि अतिआवश्यक हो तो  यात्रा करें। पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों से युक्त भोजन ग्रहण करें एवं शरीर की प्रतिरक्षा बनाए रखने के लिए विटामिन-सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं एवं नियमित रूप से गर्म तरल पदार्थ अवश्य पीएं। बुजुर्ग, नवजात शिशुओं तथा बच्चों का यथा संभव अधिक ध्यान रखें, क्योंकि उन्हें शीतऋतु का प्रभाव होने की आशंका अधिक रहती है।  आवश्यकतानुसार अनुसार रूम हीटर का उपयोग करें एवं रूम हीटर के प्रयोग के दौरान पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध करे।
             आठ दिन के तापमान पर एक नजर
       दिनांक               अधिकतम        न्यूनतम 
26 दिसंबर 2025         24.2              09.0
27 दिसंबर 2025         24.4              08.0
28 दिसंबर 2025         25.2              08.6
29 दिसंबर 2025         26.0              09.0
30 दिसंबर 2025         26.2              09.2
31 दिसंबर 2025         25.2              10.2
01 जनवरी  2026       26.0               11.5
02 जनवरी 2026        21.2               12.6
03 जनवरी 2026        20.2               09.8