दूषित पानी का मामला गरमाया : युवा कांग्रेस ने नगरीय विकास मंत्री का पुतला फूंका, घर-घर जाकर लोगों को फिटकरी बांटी, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की, कलेक्टर ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया, नगर निगम के पांच अधिकारियों को नोटिस

शहर के 20 से ज्यादा वार्डों में गंदे पानी की समस्या- पारस सकलेचा

दूषित पानी का मामला गरमाया : युवा कांग्रेस ने नगरीय विकास मंत्री का पुतला फूंका, घर-घर जाकर लोगों को फिटकरी बांटी, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की, कलेक्टर ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया, नगर निगम के पांच अधिकारियों को नोटिस
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सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से 15 लोगों की मौत होने तथा अनेक लोगों के बीमार होने के बाद रतलाम शहर में भी दूषित पेयजल वितरण को लेकर सवाल खड़े होने लगे तथा मामला गरमाने लगा है। वहीं अधिकारी शुद्ध पेयजल वितरण को लेकर सक्रिय हो गए है तो कांग्रेस सड़क पर अतर आई है। युवा कांग्रेस ने जहां इंदौर की घटना को लेकर शहीद चौक पर नारेबाजी कर नगरीय विकास मंत्री का पुतला फूंका, वहीं वार्ड 24 से कांग्रेस पार्षद सलीम मोहम्मद बागवान ने दूषित पानी वितरण को लेकर चिंता जताते हुए पूर्व महापौर पारस सकलेचा व अन्य साथियों के साथ घर-घर जाकर लोगों को फिटकरी बांटकर उससे पानी साफ कर पीने की समझाइश दी। उधर, कलेक्टर मिशा सिंह ने मोरवनी स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट कर निरीक्षण कर अधिकारियों को नियिमत पानी का सेम्पल लेने, जांच रिपोर्ट प्राप्त करने तथा कमिया पाई जाने नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ सूचना-पत्र देने के आदेश दिए। इसके बाद नगर निगम आयुक्त ने जलकार्य विभाग के कार्यपालन अधिकारी सहित पांच अधिकारियों को पांच अधिकारियों को कारण बताओं सूचना-पत्र (नोटिस) जारी कर तीन दिवस में जवाब देने के आदेश दिए है।

            मंत्री का पूतला फूंका, दो मिनट का
            मौन रखकर मृतकों को दी श्रद्धांजलि
      युवा कांग्रेस के शहर अध्यक्ष सैयद वुसत अली, शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा, अन्य पदाधिकारी व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शुक्रवार की शाम छह बजे शहीद चौक पर पहुंचे। वहां उन्होंने पहले प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ नारेबाजी की तथा उनसे इस्तीफा देने की मांग की। इस दौरान कार्यकर्ता मंत्री विजयवर्गीय का पुतला लेकर पहुंचे तथा उसमें आग लगा कर नारेबाजी करते रहे। इसके बाद विजयवर्गीय के एक बड़े पोस्टर को भी जलाया गया तथा मोमबत्ती जलाकर इंदौर में दूषित पानी से मृत हुए लोगों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। युवा कांग्रेस शहर अध्यक्ष वुसतजैदी ने कहा कि इंदौर स्वच्छता के मामले में देश में नंबर है तथा मुख्यमंत्री के प्रभार वाला क्षेत्र है। इंदौर में दूषित पानी से लोगों की जाने गई और कई लोग गंभीर बीमार है। इंदौर की घटना व मीडियाकर्मी के साथ अभद्र टिपण्णी करने के विरोध में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला फूंका गया है। साथ ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय व मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग की है। इस दौरान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मेहमूद खान शेरानी, प्रदीप राठौड़, पार्षद नासिर कुरैशी, कमरूद्दीन कछवाय, वहीद शेरानी, महिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम चाहर, कांग्रेस नेता पारस सकलेचा, राजीव रावत, यास्मीन शेरानी, बसंत पंडया, इक्का बेलुत, रवि वर्मा, पूर्व पार्षद फैयाज मंसूरी, इमरान भाई, रईस, नदीम खान, विजय खदेड़ा,  हितेश पेमाल, नीलेश शर्मा अमित शर्मा, सौरभ अग्रवाल, शीतल सेन, सौरभ छिपानी, जितेन्द्र पंडित सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
               घर-घर फिटकरी बांटकर दी समझाइश
        रतलाम शहर के अनेक मोहल्लों व कालोनियों के नलों में भी दूषित पेयजल आ रहा है। इसके चलते कई लोगों ने नलों का पानी पीना बंद कर दिया और वे नलकूप का पानी या बाजार से पानी की केन घरों पर मंगाकर उसके पानी का उपयोग कर रहे है। कांग्रेस नेता पारस सकलेचा का आरोप है कि 20 से ज्यादा वार्ड दूषित पानी की समस्या से परेशान है तथा आबादी के मान से शहर की 40 प्रतिशत आबादी प्रभावित है। वार्ड क्रमांक 24 के कुंजड़ों का वास क्षेत्र में तो करीब एक वर्ष से नलों में दूषित पानी आ रहा है। वहीं वार्ड 26 में भी काफी समय से नलों में दूषित पानी आने की समस्या बनी हुई है। वार्ड 24 के कांग्रेस पार्षद सलीम मोहम्मद बागवान ने शुक्रवार को पूर्व विधायक पारस सकलेचा, वार्ड 26 के पार्षद प्रतिनिधि रामचंद्र डोई, कांग्रेस नेता बसंत पंडया आदि के साथ क्षेत्र में घर-घर जाकर फिटकरी बांटी। इस दौरान लोगों से पानी साफ करके उपयोग करने की समझाइश दी गई। पार्षद सलीम मोहम्मद बागवान ने बताया कि उनके वार्ड के कुंजडों का वास क्षेत्र में करीब एक वर्ष से नलों में दूषित, बदबूदार पानी आ रहा है। वे कई बार नगर निगम, कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई कार्यक्रम व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन किसी भी जिम्मेदार का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है और न समस्या दूर की जा रही है। उन्होंने अपने वार्ड के नलों में आ रहे पानी की जांच कराई थी, जिसमें पानी दूषित होना बताया गया था लेकिन नगर निगम अधिकारी उस रिपोर्ट को नहीं मान रहे है और एनजीटी को गलत जानकारी दे रहे हैं। इसे लेकर एनजीटी कोर्ट ने रतलाम नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फटकार भी लगाई है। इंदौर में हुई घटना के बाद अब लोगों में भय बना हुआ है, कई बार लोग बीमार भी हुए, लेकिन उनका आंकड़ा नहीं है। 

                  सीवरेज लाइन को ठीक किया
     नलों में गंदा पानी आने की समस्या केवल कुंजड़ों का क्षेत्र में नहीं शहर के अन्य क्षेत्रों में भी है। वेद व्यास कॉलोनी, मदीना नगर आदि क्षेत्रों में पिछले एक सप्ताह से नलों में दूषित पानी आ रहा है। इसकी शिकायत शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा व नगर निगम ने उप नेता प्रतिपक्ष कमरूद्दीन कछवाय ने नगर निगम को की है। वहीं शुक्रवार को सुबह सीवरेज कंस्टक्शन जय वरूड़ी संस्था के सुपर वाईजर देवेंद्र शर्मा व नगर निगम के इंजीनियर ब्रजेश कुशवाह कर्मचारियों के साथ कुंजड़ों का वास क्षेत्र तथा तेजानगर क्षेत्र में पहुंचे। इस दौरान सीवरेज लाइन व नलों की पाइप लाइन चेक की गई। देवेंद्र शर्मा ने बताया कि कुंजड़ों का वास क्षेत्र में दो स्थानों पर सीवरेज लाइन चॉक पाई गई थी, उन्हें दूरस्थ कर दिया गया है। उधर, तेजानगर क्षेत्र में पानी की पाइप लाइन पुरानी होकर खराब होने की बात सामने आई है।  
     पानी में कीड़े भी, चालीस प्रतिशत आबादी प्रभावित
       कांग्रेस नेता व पूर्व महापौर पारस सकलेना ने बताया कि पहले औद्योगिक क्षेत्र से लगे शहर के चार-पांच वार्ड लाल पानी की समस्या से ग्रसित थे। अब शहर के 20 से ज्यादा वार्डों में गंदे पानी की समस्या है। आबादी के मान से चालीस प्रतिशत आबादी गंदे पानी की समस्या से प्रभावित हैं। नलों में आ रहे पानी का रंग मटमैला होता है, उसमें से बदबू आती तथा कीड़े तक निकल रहे है। हमने 2024 में चार बार व 2025 में तीन अलग-अलग क्षेत्रों के पानी की जांच कराई। सातों जांच रिपोर्ट में पानी को दूषित, खतरनाक बताया गया और पानी में बेटेरिया पाया गया, लेकिन नगर निगम अधिकारी मानने को तैयार नहीं है। नगर निगम अधिकारी कहते है कि पाइप लाइन बदल देंगे, अमृत मिशन योजना के तहत कई जगह नई पाइप लाइन कई जगह डाली भी, मगर समस्या दूर नहीं हुई। सरकार व नगर निगम सोई हुई है, महापौर व शहर विधायक को जनता से कोई मतलब नहीं है। हमने रोज घर-घर जाकर फिटकरी बांटने का कार्य शुरू किया है, ताकि लोग अपना बचाव कर सके।
        वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व मंत्री कोठारी ने कहा
          जांच केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे

            वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने इंदौर की घटना को लेकर कहा कि रतलाम प्रशासन व नगर निगम द्वारा सतर्क रहकर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करें। इंदौर की घटना पर कहा कि जांच केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि दोषियों की स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जाए। उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं ना हो। पूर्व मंत्री कोठारी ने कहा कि कुछ समय पहले रतलाम के चौमुखीपुल, घास बाजार, खेरादीवास एवं पैलेस रोड क्षेत्रों से दूषित पानी की आपूर्ति की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उस समय उन्होंने स्वयं नागरिकों के साथ नगर निगम कार्यालय पहुंचकर आयुक्त से शिकायत कर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया था, इसके बावजूद व्यवस्था सुधारने में लगभग 15 दिन का समय लग गया। यह भी देखने में आया है कि जब सीवरेज का पानी पेयजल की लाइन में मिल जाता है,  तब नगर निगम अपनी जिम्मेदारी सीवरेज सिस्टम बनाने वाली कंपनी पर डालकर अपने दायित्वों से बचने का प्रयास करता है। संबंधित कंपनी भी शिकायतों पर समुचित कार्रवाई नहीं करती। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इंदौर की घटना से सबक लेते हुए जनहित में पूरे शहर की सीवरेज एवं पेयजल पाइपलाइनों का गहन एवं तकनीकी परीक्षण किया जाए।  वार्ड 26 के पार्षद प्रतिनिधि रामचंद्र डोई ने बताया कि वार्ड 26 में गंदा पानी नलों में आने की समस्या को लेकर वे आठ माह पहले आंदोलन भी कर चुके है। कई बार शिकायत की लेकिन समस्या दूर नहीं हुई है और अभी भी कई नलों में गंदा पानी आ रहा है।
  कलेक्टर ने एसडीएम व नगर निगम अयुक्त को दिए निर्देश

       कलेक्टर मिशा सिंह ने शुक्रवार को शहर एसडीएम आर्ची हरित, नायब तहसीलदार मनोज चौहान, नगर निगम आयुक्त अनिल भाना आदि अधिकारियों के साथ शहर में पानी सप्लाय करने वाले मोरवानी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने पानी सप्लाई व्यवस्था को देखा तथा उसके बारे में जानकारी ली। उपस्थित अधिकारियों ने कलेक्टर को बताया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट वर्ष 1980 में बनाया गया था। इससे शहरवासियों को अल्टरनेट दिवस के आधार पर (एक दिन छोड़कर) पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्लांट में जहां भी मरम्मत कार्य जरूरी हो, उसके टेंडर कराए जाकर कार्य कराए जाए। पेयजल का सेम्पल लेने का कार्य नियमित रूप से करें तथा शहर के वार्डों से भी पेयजल के सेम्पल लें। अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम के साथ ही मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उज्जैन के अधिकारी भी निरंतर सेम्पल ले रहे है। इस दौरान कलेक्टर ने सेम्पल एवं सफाई व्यवस्था का रजिस्टर चेक किया तथा मौके पर ही पेयजल के नमूने संग्रहित कराकर पानी की जांच कराई। टेक्नीशियन ने बताया कि पानी में टर्बिडिटी, क्लोराईड,कंडक्टिविटी, हार्डनेस, पीएच, ईकोलाई आदि की जांच की सुविधा उपलब्ध है। उन्होने बताया कि पानी की बैक्टीरियल जांच की रिपोर्ट 24 घण्टे में मिल पाती है। कलेक्टर ने एसडीएम को निर्देशित किया कि वे भी रेंडम आधार पर पेयजल की रिपोर्ट प्राप्त करें। कलेक्टर ने निगम आयुक्त को निर्देशित किया कि कार्ययोजना इस प्रकार बनाए कि शिकायत की गुंजाईश न रहें, शहर में टीम गठित कर सर्वे कार्य प्रारंभ कराए, सर्वे में नालियों में केज, सीवरेज में लीकेज, कंस्ट्रक्शन साइट का चिन्हांकन करें ताकि पेयजल में अशुद्धि मिलने की संभावना न रहे।  कमिया पाये जाने पर उन्होंने कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों को कारण बताओं नोटिस जारी करने, आवश्यकता अनुसार स्टाफ की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर ने रतलाम शहरी क्षेत्र में करमदी रोड तथा चांदनी चौक क्षेत्र एवं जिन वार्डों से गंदे पानी मिलने की शिकायत प्राप्त हो रही है, वहां चल रहे  पाइप लाइन सुधार एवं टेस्टिंग कार्य का निरीक्षण भी किया।  
    अधिकारियों को नोटिस देकर तीन दिन में मांगा जवाब
      कलेक्टर द्वारा वाटर फिल्टर प्लांट के निरीक्षण के दौरान रजिस्टर में ड्यूटी लिस्ट अनुसार अनुपस्थित कर्मचारी, लेब टेक्नीशियन के पास प्लांट पर आवश्यक सामग्री की अनुपलब्धता एवं प्लांट सफाई के रजिस्टर मेंटेन नहीं होने के कारण नगर निगम आयुक्त अनिल भाना ने जल प्रदाय विभाग के कार्यपालन यंत्री राहुल जाखड़, सहायक यंत्री सुहास पंडित, उपयंत्री भैयालाल चौधरी, ब्रजेश कुशवाह एवं अनुपम मिश्रा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर 3 दिवस मे प्रतिउत्तर प्रस्तुत करने का आदेश दिया। तीन दिन में जवाब नहीं देने पर एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी।