तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से पूर्व विधायक लाहलिंग देवदा की मौत, घर के बाहर रोड़ किनारे टहल रहे थे, पीछे से मरी थी टक्कर
गुजरात के वडोदरा स्थित एक अस्पताल में ली अंतिम सांस, 1993 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीत कर बने थे विधायक
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
सड़क हादसे में घायल हुए पूर्व विधायक लाहलिंग देवदा की शुक्रवार शाम इलाज के दौरान वडोदरा के एक अस्पताल में मृत्यु हो गई। वे 5 नवबंर की शाम करीब साढ़े छह बजे बाजना थाना क्षेत्र के ग्राम छावनी भाभर स्थित अपने घर के बाहर सड़क किनारे टहल रहे थे, बाइक चालक ने तेज गति व लापरवाही से बाइक चलाकर उन्हें पीछे से टक्कर मार दी थी। इससे वे गम्भीर रूप से घायल हो गए थे। तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने के चलते आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं और इन हादसों में कई लोगों की जान जा रही है। इसके बाद भी तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने वाले बाज नहीं आ रहे हैं। पुलिस प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद सड़क हादसों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। पूर्व विधायक लाहलिंग देवदा की मौत का कारण भी बाइक चालक द्वारा तेज गति व लापरवाही से वाहन चलाना सामने आया है।
जानकारी के अनुसार पूर्व विधायक 70 वर्षीय लाहलिंग देवदा रतलाम जिले की बाजना ग्राम पंचायत के ग्राम छावनी भाभर के रहने वाले है तथा सैलाना विधानसभा सीट से एक बार कांग्रेस से विधायक रहे है। वे 5 नवम्बर की शाम घर के बाहर सड़क किनारे टहल रहे थे। तभी बाजना की तरफ से बाइक चालक तेजी व लापरवाही से बाइक चलाकर लाया और पीछे से लाहलिंग देवदा को टक्कर मार दी थी। इससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें चेहरे, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट आई थी। परिजन उन्हें इलाज के लिए बाजना के सरकारी अस्पताल ले गए थे। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रतलाम रेफर किया गया था इसके बाद परिजन उन्हें रतलाम के एक निजी अस्पताल ले गए थे और वहां से उन्हें बड़ोदरा ले जाया गया था, जहां शुक्रवार शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। शाम करीब 7 बजे परिजन उनकी पार्थिव देह लेकर वडोदरा से उनके गांव के लिए रवाना हुए है। उनका अंतिम संस्कार 8 नवम्बर को सुबह किया जाएगा।
बाइक छोड़कर भागे
लाहलिंग देवदा के भतीजे लक्षमण देवदा ने बाजना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें बताया गया है कि लाहलिंग देवदा को पीछे से टक्कर मारी गई। टक्कर मारने वाली बाइक पर दो व्यक्ति सवार थे। टक्कर मारने के दौरान वे दोनों भी नीचे गिर गए थे तथा दोनों बाइक छोड़कर भाग गए। पुलिस ने अज्ञात बाइक चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर बाइक जप्त कर ली है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच की जा रही है।
1993 में बने थे विधायक
कांग्रेस ने 1993 के विधानसभा चुनाव में सैलाना विधानसभा सीट से वरिष्ठ नेता व तत्कालीन विधायक प्रभुदयाल गेहलोत का टिकट काटकर युवा नेता लाहलिंग देवदा को टिकट दिया था। टिकट कटने से नाराज प्रभुदयाल गेहलोत निर्दलीय चुनाव लड़े थे। इस चुनाव में लाहलिंग देवदा ने निकटतम प्रतिद्वंदी जनता दल के भेरूसिंह डामर को हराकर जीत हासिल की थी तथा प्रभुदयाल गेहलोत चौथे नम्बर पर रहे थे। कांग्रेस ने 1998 के चुनाव में लाहलिंग देवदा को वापस पार्टी का उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में भी प्रभुदयाल गेहलोत निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे तथा प्रभुदयाल गेहलोत ने निकटतम उम्मीदवार जनता दल के प्रत्याशी भेरूसिंह डामर को पराजित कर जीत हासिल की थी। कांग्रेस प्रत्याशी लाहलिंग देवदा तीसरे नम्बर पर रहे थे। लाहलिंग देवदा बाद में 1999 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीपसिंह भूरिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में चले गए थे तथा कुछ समय बाद लाहलिंग देवदा भाजपा छोड़कर वापस कांग्रेस में आ गए थे।