व्यापारियों के लाखों रुपए हड़प कर भागे हुंडी दलाल को पुलिस ने उदयपुर से किया गिरफ्तार, 29 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर

- बैंक खातों की होगी जांच, गबन के रुपयों से यदि कोई सम्पत्ति खरीदी होगी तो की जाएगी कुर्की की कार्रवाई

व्यापारियों के लाखों रुपए हड़प कर भागे हुंडी दलाल को पुलिस ने उदयपुर से किया गिरफ्तार, 29 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर
--------------------------------------------------------------------

 सर्च इंडिया न्यूजरतलाम ।
ब्याज पर रुपए चलाने के लिए हुंडी दलाली के नाम पर  शहर के कई व्यापारियों के लाखों रुपए लेकर ग्यारह दिन पहले भागे आरोपी हुंडी दलाल विजय कुमार लोढ़ा को पुलिस ने राजस्थान के उदयपुर से गिरफ्तार किया है। वहां वह एक किराये के मकान में रह रहा था। उस उदयपुर से शनिवार को माणकचौक थाने लाया गया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे दोपहर में न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे 29 दिसंबर 2025 तक पुलिस रिमांड पर रखने के आदेश दिए है। उससे व्यापारियों के रुपयों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
        पुलिस के अनुसार मकानों की ठेकेदारी करने वाले फरियादी रुपेश चपरोट निवासी तेजानगर व अन्य लोगों ने 16 दिसंबर 2025 को आरोपी हुंडी दलाल विजय कुमार लोढ़ा पिता मदनलाल लोढा निवासी 36 शुभम रेसिडेंसी के खिलाफ उनके 64 लाख रुपए लेकर भागने की शिकायत की थी। फरियादी रुपेश चपरोट ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वे पिछले करीब दस वर्ष से आरोपी विजय कुमार लोढा को जानते-पहचानते है।  विजय कुमार लोढा ने स्वयं को हुंडी दलाली का कार्य करने वाला बताते हुए साढ़े सात पैसे हुंडी दलाली एवं 1 प्रतिशत साहूकारी ब्याज पर रुपया बाजार में मार्केट में चलाने का लालच दिया था। उसके विश्वास के आधार पर उन्होंने अपने बैंक खाते से उसे आठ लाख रुपए 2 मार्च 2025 को आरटीजीएस के माध्यम से उसके बैंक खाते में भेजे थे। इसके बाद उन्होंने 30 जून 2025 को अपनी पत्नी मोनिका के बैंक खाते का तीन लाख रुपए का चेक विजय कुमार लोढा को दिया था। उसने 1 दिसंबर 2025 को ब्याज सहित उनके 11 लाख रुपए लौटाने का कहा था लेकिन वह रुपए लेकर परिवार सहित कहीं भाग गया है।
             इन व्यापारियों के रुपए भी लिए थे
      पुलिस के अनुसार जांच में पता चला कि डालूमोदी बाजार निवासी बसंत मेडिकल एजेंसी के प्रोपाइटर शरद मेहता, निवासी से 10 लाख रुपए, न्यू क्लाथ मार्केट निवासी सिद्धांचल सिंथेटिक प्रोपाइटर ललित कुमार कटारिया के 11 लाख रुपए, नीमचौक निवासी कीर्ति कुमार सोनी के 32 लाख रुपए भी आरोपी विजय कुमार लोढ़ा लेकर भागा है। सभी पीड़ितों द्वारा संबंधित बैंक दस्तावेज, चेक, ट्रांजेक्शन विवरण एवं आवेदन पुलिस को सौंपे थे। आरोपी विजय कुमार लोढा के खिलाफ माणकचौक थाना पर बीएनएस की धारा 316(2) एवं अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम की धारा 21(1), 21(2), 21(3) अनि.जमा योजना प्रति. अधि. का पंजीबद्ध किया गया था। तभी से उसकी तलाश की जा रही थी।
             उदयपुर में किराये के फ्लेट में रह रहा था
एसपी अमित कुमार ने आरोपी विजय कुमार लोढा की गिरफ्तारी के लिए एएसपी राकेश खाखा व सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन माणकचौक थाना प्रभारी पतिराम डावरे के नेतृत्व में थाना माणकचौक एवं सायबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई थी। पुलिस टीम द्वारा खबिर तंत्र सक्रिय किया गया तथा तकनीकी एवं सायबर साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी आरोपी उदयपुर में किराये के फ्लेट में रह रहा है। इस पर रतलाम से गई टीम ने उदयपुर पहुंच कर दबिश दी और और उसे गिरफ्तार कर रतलाम लाया गया। एसपी अमित कुमार ने मीडियाकर्मियों को बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी विजय कुमार लोढा ने कर्ज में होकर यह घटना करना बताया है। उससे पूछताछ कि जा रही है कि इस प्रकार उसने और कितने लोगों से धनराशि प्राप्त कर धोखाधड़ी की है। उसके बैंक खातों की जांच की जाएगी तथा यह भी पता किया जाएगा कि गबन की राशि से उसने कोई संपत्ति तो नहीं खरीदी है, यदि खरीदी होगी तो उन्हें कुर्क कराने की कार्रवाई की जाएगी। टीम में एसआइ राकेश मेहरा, एएसआई रायसिंह परमानर, प्रधान आरक्षक हिम्मत सिंह, आरक्षक विपुल भावसार, वीरेंद्र बारोड़, अविनाश मिश्रा शामिल थे।