प्रतिभाओं को निखारने वाले गणित के लोकप्रिय शिक्षक सुदेश कपूर सेवानिवृत, 40 साल का रहा सेवाकाल
सुदेश कपूर ने कहा कि सरल प्रणाली से कठिन विषय गणित को विद्यार्थियों के दिमाग में उतारना रहा एक सूत्रीय लक्ष्य
✍ सर्च इंडिया न्यूज, सैलाना।
करीब चार दशक तक विभिन्न सरकारी स्कूलों में गणित शिक्षक के रूप में सेवा देने वाले सुदेश कपूर शुक्रवार को रतलाम जिले के शिवगढ़ बालक माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद से सेवानिवृत हो हुए। गणित विषय में प्रतिभावान विद्यार्थियों की प्रतिभा को और निखार कर उन्हें श्रेष्ठ विद्यार्थी बनाना तथा कमजोर विद्यार्थी को अच्छे विद्यार्थी की श्रेणी में ला खड़ा करने की महारथ कपूर में है। उनके पढ़ाए गए विद्यार्थी गणित में शत प्रतिशत अंक भी ले आते थे। 2003 में सैलाना के मॉडल स्कूल में एक साथ तीन विद्यार्थियों ने हाई स्कूल परीक्षा में गणित विषय में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए, यही कपूर की मेहनत का ही कमाल था। बाद में भी ऐसे कई विद्यार्थी सामने आए जिन्होंने शत प्रतिशत अंक गणित में प्राप्त किए लेकिन इसकी शुरुआत 2003 से हुई थी।
देवास जिले के पूंजपुरा से शिक्षक की शुरुआत
शिक्षक सुदेश कपूर ने वर्ष 1985 में देवास जिले के पूंजपुरा के हाई स्कूल में बतौर उच्च श्रेणी शिक्षक के रूप में अपनी शासकीय सेवा की शुरुआत की थी। छह वर्ष बाद वे 1991 में सैलाना के मॉडल स्कूल में पदस्थ हुए। 2007 तक निरंतर इस संस्था में सराहनीय सेवाएं देने वाले कपूर बाद में 2007 से 2009 तक सैलाना के ही शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रहे। 2009 से वे शिवगढ़ स्थानांतरित हो गए। बाद में उन्होंने आदिवासी विकास विभाग की शिवगढ़ की संस्थाओं में ही अब तक सेवाएं दी। सेवानिवृत्ति शिवगढ़ की संस्था से प्रधानाध्यापक के रूप में हुई। अपनी मेहनत और लगन के दम पर वे हर जगह विद्यार्थियों के चहेते रहे तो दूसरी ओर अधिकारियों की निगाह में भी अच्छे इन्सान और अच्छे शिक्षक के रूप में बने रहे।
कलेक्टर ने किया था मशविरा किया
वर्ष 2002 में तत्कालीन कलेक्टर ने एक बार अपने सैलाना प्रवास पर कपूर को रेस्ट हाऊस पर बुलवा कर गणित विषय में विद्यार्थी 100 में से 100 अंक कैसे लाए, इस बात पर विचार-विमर्श किया था। कपूर ने उनसे गणित की बारीकियां साझा की थी। बाद में 2003 में मॉडल स्कूल के एक साथ तीन विद्यार्थी हाई स्कूल के परिणाम में गणित में 100 में से 100 अंक लाए थे। कपूर के अनेक विद्यार्थी देश, विदेश में ऊंचे ओहदों पर कार्यरत हैं।
संस्था परिवार ने दी समारोहपूर्वक विदाई
संस्था परिवार ने कपूर को गरिमामय समारोह में विदाई दी। संस्था प्राचार्या साधना चौहान ने कपूर को अत्यंत मेहनती शिक्षक बताते हुए कहा कि ऐसे शिक्षक विद्यार्थियों व देश के भविष्य के निर्माता होते हैं। विद्यार्थी कैसा भी हो, कमजोर से कमजोर विद्यार्थी भी कपूर सर के कुशल अध्यापन से आगे बढ़ते रहे। संस्था में उनकी सेवाएं सदैव याद रखी जाएगी। कपूर ने अपने सम्मान और विदाई के प्रत्युत्तर में कहा कि उनके जीवन का एक सूत्रीय लक्ष्य रहा कि सरल प्रणाली से कठिन विषय गणित को विद्यार्थियों के दिमाग में उतारना। सभी से उन्हें पूरे सेवाकाल में अपार स्नेह और सहयोग भी अच्छा मिला। संस्था की तरफ से उन्हें अभिनंदन-पत्र भेंट कर सम्मानित गया। संचालन शिक्षक राजीव राठौड़ ने किया।