कृष्णपाल सिंह की हत्या के मामले में आया नया मोड़, काका ने लिखाई थी हत्या की रिपोर्ट, आरोपी पक्ष ने एफआईआर को झूठा बताया

- आरोपियों के गांव के नागरिकों ने एसपी के नाम एसडीओपी को ज्ञापन सौंपा, कहा कि असत्य एफआईआर दर्ज कराई गई है, प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए

कृष्णपाल सिंह की हत्या के मामले में आया नया मोड़, काका ने लिखाई थी हत्या की रिपोर्ट, आरोपी पक्ष ने एफआईआर को झूठा बताया
----------------------------------------------------------

✍  सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के आलोट नगर में तीन दिन पहले 19 मई 2026 की रात 21 वर्षीय कृष्णपाल सिंह नामक युवक की हुई मौत के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। मृतक के काका ने पांच आरोपियों के खिलाफ जहर देकर कृष्णपाल सिंह को मारने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर 21 मई 2026 को पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं 22 मई को आरोपियों के गांव के बड़ी संख्या में लोगों आलोट एसडीओपी आफिस पहुंचे तथा एसडीओपी पल्लवी गौर को एसपी के नाम ज्ञापन सौंपकर एफआईआर को झूठा बताते हुए कहा कि घटना वाले दिन आरोपी घटना स्थल पर नहीं थे। उनके मोबाइल फोन की सीडीआर व मोबाइल टावर लोकेशन की जांच की जाए। 
     ज्ञापन में कहा गया है कि 19 मई 2026 की रात कृष्णपाल सिंह पिता लक्ष्मणसिंह निवासी ग्राम खामरिया ने आलोट के धरोला के मेले में चल रहे मेले में की जहरीला पदार्थ खा लिया था। उसे अचेत अवस्था में आलोट के एक निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसकी मृत्यु हो गई थी। मृतक के परिजन ने कुलदीप सिंह पिता पूरसिंह, युवराज सिंह पिता पूरसिंह और गोविंद सिंह पिता अर्जुन सिंह पंवार तीनों निवासी ग्राम मूंज व दो नाबालिग लड़कों के खिलाफ कृष्णपाल सिंह को जहरीला पदार्थ खिलाकर  उसकी हत्या करने का आरोप लगाकर व थाना आलोट पर जनसमूह लेकर असत्य रिपोर्ट की, जिस पर पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज किया है। जिन पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है वे घटना दिनांक, समय व स्थान पर उपस्थित नहीं थे, फरियादी द्वारा असत्य रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। घटना दिनांक, स्थान व समय के बारे में जांच की जाए तो उक्त पांचों व्यक्ति अलग-अलग स्थान पर थे। इस बात की जांच उनके मोबाइल फोन की टावर लोकेशन से आसानी से की सकती है। मृतक के आसपास या दूर-दूर तक पांचों व्यक्ति नहीं थे। फिर भी फरियादी ने मेले के भीड़-भाड़ वाले इलाके मृतक को जहर पिलाकर घटना कारित करने की गलत सर्वथा असत्य रिपोर्ट की है। ग्रामीणों ने कहा कि जिन्हें गिरफ्तार किया गया है, वे निर्दोष है। मामले की निष्पक्ष जांच कर जो दोषी है, उन पर कठोर कार्रवाई की जाए।
              जांच में रिपोर्ट असत्य पाई जाने पर
           फरियादी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
    ज्ञापन में कहा गया है प्रकरण में मृतक कृष्णपाल सिंह के मोबाइल फोन की सीडीआर भी आवश्यक है, जिससे यह जानकारी प्राप्त हो सकती है कि अंतिमा बार या उससे पहले मृतक की किससे बात हुई थी या किन कारणों से उसने जहरीले पदार्थ का सेवन किया। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आवश्यक है कि मृतक कृष्णपाल सिंह की घटना दिनांक, समय व स्थान की कॉल डिटेल व जिन पर आरोप लगाया है, उनके मोबाइल फोन के टावर लोकेशन से उनकी उपस्थिति बाबत जांच करवाई जाए ताकि सत्य व वास्तविक स्थित सामने आ सके। फरियादी द्वारा की गई रिपोर्ट जांच में असत्य पाई जाने पर फरियादी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। एसडीओपी पल्लवी गौर ने ज्ञापन देने आए लोगों से कहा कि निष्पक्ष जांच के बाद जो भी कार्रवाई है, उसके बाद ही चालान पेश करेंगे। टावर लोकेशन हर अपराध में निकाली जाती है। जांच की जा रही है, जो सत्य होगा, वहीं करेगे।
                    यह है मामला
उल्लेखनीय है कि रतलाम जिले की आलोट तहसील के ग्राम खामरिया निवासी 21 वर्षीय कृष्णपालसिंह पिता लक्ष्मण सिंह 19 मई 2026 की रात घर से आलोट नगर के धरोला मेले में घूमने गया था। कुछ देर बाद वह आलोट नगर के शंकर मंदिर के पास स्थित पुलिया के नीचे अचैत मिला था। सूचना मिलने पर परिजन व ग्रामीण उसे एक निजी अस्पताल ले गए थे, जहां उसकी मौत हो गई थी। उसकी मौत से परिजन व ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया था। उन्होंने शव थाने के सामने सड़क पर रखकर चक्काजाम कर आरोप लगाया था कि कृष्णपाल सिंह का दो-तीन दिन पहले कुछ युवकों से विवाद हुआ था। युवकों ने उसे जहर देकर मारा है। आरोपी युवकों को गिरफ्तार किया जाए। पुलिस अधिकारियों द्वारा जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देने पर देर रात चक्काजाम समाप्त किया गया था। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया था। वहीं दूसरे दिन 20 मई को सुबह पुन: परिजन व ग्रामीणों ने आलोट के कारगिर चौराह पर चक्काजाम कर दिया था और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, उन्हें गिरफ्तार करने, उनके घर तोडने व मृतक के परिजन को आर्थिक सहायता देने की मांग करने लगे थे। एसडीएम रचना शर्मा, एसडीओपी पल्लवी गौर, थाना प्रभारी मुनेंद्र गौतम व अन्य अधिकारी तथा जवान मौके पर पहुंचे थे तथा परिजन व ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें कार्रवाई करने का आश्वसान दिया था। इसके बाद चक्काजाम समाप्त किया गया।
         जानकारी मिलने पर पहुंचे थे पिता व अन्य मौके पर 
   पुलिस के अनुसार मृतक कृष्णपाल सिंह के काका श्याम सिंह ने आलोट थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वे 19 मई की रात करीब साढे आठ बजे करीब बायपास खेडी रोड पर चाय की दुकान पर चाय पी रहा था। तभी मेरे भाई लक्ष्मणसिंह घबराते हुए आए थे तथा बताया था कि उनके साले गोविंदसिंह ने फोन लगाकर सूचना दी है कि कृष्णपाल ने उन्हें फोन पर बताया है कि आरोपियों  ने जबरदस्ती उसके मुंह मे कोई दवाई डालकर मुंह दबाकर खेडी रोड धरोला  बायपास पुलिया के नीचे छोड गए है। मैं व मेरा भाई लक्ष्मणसिंह तत्काल पुलिया के नीचे पहुंचे थे और वहां कृष्णपाल सिंह पडा था। भतीजे शिवराज को फोन कर वहां बुलाया था। इसके बाद शिवराजसिंह  और हम बाइक से कृष्णपाल सिंह को एक निजी अस्पताल ले गए जहां उसकी मौत हो गई थी।