सैलाना क्षेत्र के किसानों को सिंचाई परियोजनाओं के रूप में मिली बड़ी सौगात, विधायक कमलेश्वर डोडियार के प्रयासों से 21.24 करोड़ रुपए की तीन परियोजनाएं स्वीकृत
घटालिया पंचायत के ग्राम धावड़िया, कुंडियापाड़ा पंचायत के ग्राम बोरपाडा और देवली पंचायत के ग्राम रूपारेल में निर्मित होगी सिंचाई परियोनाएं, 1,159 हेक्टेयर कृषि भूमि को नई सिंचाई सुविधा मिलेगी
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम ।
जिले के सैलाना विधानसभा क्षेत्र के किसानों को नई सिंचाई परियोजनाओं के रूप रूप में बड़ी सौगात मिली है। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार के सतत प्रयासों से सैलाना विधानसभा क्षेत्र में बाजना जनपद के अंतर्गत घटालिया पंचायत के धावड़िया, कुंडियापाड़ा के बोरपाडा और देवली के रूपारेल गांव में 21.24 करोड़ रुपये की लागत से तीन महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं धावड़िया बैराज, बोरपाडा बैराज और रूपारेल तालाब को औपचारिक स्वीकृति मिल गई है। यह सफलता सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार के पिछले दो वर्षों के अथक प्रयासों का फल है, जिन्होंने विधानसभा सत्रों में लगातार इन तालाबों की मांग उठाई और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट से सवाल किए थे।
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने पिछले दिनों विधानसभा सत्र के दौरान सरकार से प्रश्न के माध्यम से स्पष्ट रूप से माँग स्वरूप पूछा था कि क्षेत्र में लंबित सिंचाई योजनाओं को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि वर्षा पर निर्भर किसान लाभान्वित हो सके। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने विधायक डोडियार की मांग को स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया था कि 'अति शीघ्र' निर्माण कार्य शुरू होगा। जल संसाधन मंत्री का आश्वासन अब साकार हो गया है। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने विधायक कमलेश्वर डोडियार को आधिकारिक पत्र लिखकर उक्त परियोजनाओं की स्वीकृति के बारे में सूचना दी है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'हर खेत को पानी' संकल्प और मुख्यमंत्री यादव के किसान कल्याण विजन का उल्लेख किया गया।
विधायक कमलेश्वर डोडियार ने बताया कि उक्त तीनों परियोजनाओं से सैलाना क्षेत्र की 1,159 हेक्टेयर (करीब 2,800 एकड़) कृषि भूमि को नई सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे रबी-खरीफ फसलों का उत्पादन 30-40 प्रतिशत बढ़ेगा। धावड़िया बैराज (9.55 करोड़) 570 हेक्टेयर, बोरपाडा बैराज (8.10 करोड़) 467 हेक्टेयर और रूपारेल तालाब (3.59 करोड़, नहर रहित) 122 हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ पहुंचाएंगे। ये बैराज माही और जामड नदी की सहायक धाराओं पर बनेंगे, जो सोयाबीन, कपास व गेहूं जैसी फसलों के लिए वरदान साबित होंगे। इसके अलावा, भू-जल स्तर में वृद्धि होगी, जिससे गर्मियों में पेयजल संकट कम होगा और स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
किसानों में उत्साह
विधायक कमलेश्वर डोडियार के अनुसार परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने से आदिवासी बहुल सैलाना क्षेत्र के विकास की नई दिशा मिलेगी। इन परियोजनाओं की स्वीकृति से किसानों में हर्ष व्याप्त हो गया। परियोजनाओं का निर्माण आगामी तीन महीनों में शुरू हो सकता है। पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित कर ये परियोजनाएं जलवायु परिवर्तन से निपटने में सहायक होंगी। सैलाना क्षेत्र सिंचाई क्रांति की ओर अग्रसर होगा।