पद्म विभूषण नारायण मूर्ति ने किया विश्व के प्रथम ‘‘सुख शक्ति धाम’’ का लोकार्पण, रतलाम को मिला आत्म-निरीक्षण और सदाचार का नया केंद्र
- "सुख शक्ति धाम" रतलाम के परिवर्तन की धरा है- कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप
✍सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम ।
शहर के सागोद रोड पर स्थापित किए गए विश्व के पहले ‘‘सुख शक्ति धाम’’ का लोकापर्ण रविवार को आयोजित भव्य समारोह में इंफोसिस के संस्थापक एवं पद्म विभूषण नारायण मूर्ति ने किया। आत्म-निरीक्षण, मन की शांति और नैतिक जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘‘सुख शक्ति धाम’’ की स्थापना की गई है। समारोह को संबोधित करते हुए पद्म विभूषण नारायण मूर्ति ने कहा कि समाज में स्थायी परिवर्तन बाहरी व्यवस्था से नहीं, बल्कि व्यक्ति के आत्म-अनुशासन और मूल्यों से आता है। उन्होंने सुख शक्ति धाम को आत्म-जागरण का केंद्र बताते हुए कहा कि यह स्थान लोगों को भीतर की स्पष्टता, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की ओर प्रेरित करेगा। सुख और शक्ति शब्द ही हमारी गहरी मानवीय आकांक्षाओं का सार है। ये कोई खरीदी जाने वाली वस्तुएं नहीं है अपितु ऐसे फल है जिन्हें हमें अपने दैनिक जीवन में स्वयं ही विकसित करना होता है। सबको सुख एवं शक्ति पर आधारित एक उज्जवल भविष्य का निर्माण करना चाहिए।
पद्म विभूषण नारायण मूर्ति ने कहा कि लीडर के शब्दों और कार्यों में ईमानदारी, उनकी विश्वसनीयता और विश्वास को बढ़ाने का एक शक्तिशाली माध्यम है।यह स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करने से प्राप्त होती है। इस तरह के उदाहरण प्रस्तुत करने से लीडर व अनुयायी दोनों को प्रसन्नता प्राप्त होती है। मैंने कथित मूल्यों को जीवन में उतारने का भरसक प्रयास किया है। आखिर तो, विचारों की ईमानदारी कार्यों में प्रकट होती है। सादगीपूर्ण जीवन शैली ने मुझे वास्वत में महत्वपूर्ण चीजों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर दिया और ऐसा करने से मुझे कॉपोर्रेट जगत के नीचले स्तर पर कार्यरत अपने सहकर्मियों को करीब लाने में सफलता मिली। विनम्रता का अभ्यास करते हुए हमने सभी प्राणियों के परस्पर संबंध का सम्मान किया, इस मार्ग पर चलकर हम सब मिलकर सुख शक्ति धाम की शिक्षाओं को अपनाएं। अपने आसपास सभी के लिए सुख प्राप्त करने की दिशा में कार्य करें।
सुख शक्ति धाम रतलाम को
नई दिशा दिखाने का काम करेगा
विशिष्ट अतिथि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चेत्न्य काश्यप ने कहा कि सुख शक्ति धाम रतलाम के परिवर्तन की धरा है। वल्लभ भंसालीजी ने अपनी कल्पना को साकार करने के लिए रतलाम को चुना है और उन्हें उम्मीद है कि रतलाम के सारे युवा इसमें भागीदार बनेंगे। भगवान महावीर हो या बुद्ध, सबने ध्यान किया और समाज को विचार दिया। आर्थिक प्रगति भी असली प्रगति नहीं होती। सत्ता के शीर्ष पर भी शांति और सुख का अनुभव नहीं होता। इसीलिए भारत के मनीषियों ने ध्यान का जो विचार दिया, उससे सुख और शांति दोनों मिलते है। सुख शक्ति धाम रतलाम को नई दिशा दिखाने का काम करेगा। इनाम सेक्युरिटीज के अध्यक्ष नेमीश भाई शाह एवं इप्का समूह के प्रेमचंद गोधा ने डॉ. भंसाली के दृष्टिपूर्ण प्रयास की सराहना करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण टोरेंट समूह के सुधीर मेहता एवं फोर्स मोटर्स के अभय फिरोदिया ने वर्चुअली कार्यक्रम को संबोधित कर अपनी शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में क्यूरेटर कात्यायनी अग्रवाल एवं युवा आर्किटेक्ट आदिल ढोलकिया का सम्मान किया गया।
अध्यक्षता करते हुए सुख शक्ति धाम की संपूर्ण अवधारणा के शिल्पकार और प्रेरणास्रोत डॉ. वल्लभ भंसाली (मुंबई) ने सुख शक्ति धाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रारंभ में संयोजक मंडल के मुकेश जैन, गुस्ताद अंकलेसरिया, मेघ कुमार लुनिया, जयंत जैन, संजय व्यास, गौरव त्रिपाठी, वैभव रांका, संजय चपरोट, डॉ. श्याम सुंदर पाटीदार, राजीव श्रीवास्तव एवं मोहित मूणत ने अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. वल्लभ भंसाली ने इस धाम को धरातल पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मुकेश जैन का अभिनंदन किया। संचालन विकास शैवाल ने किया।