कृषि मंडी में विवाद, लोन देने के नाम लाखों की धोखाधड़ी का आरोपी गिरफ्तार, स्कूली विद्यार्थियों ने धरना देकर किया प्रदर्शन, सरपंच को पद से हटाया

धरना प्रर्दशन के दौरान छात्रा की तबीयत बिगड़ी, जिला शिक्षा अधिकारी ने एक सप्ताह में दिया मांगों का निराकरण करने का आश्वासन

कृषि मंडी में विवाद, लोन देने के नाम लाखों की धोखाधड़ी का आरोपी गिरफ्तार, स्कूली विद्यार्थियों ने धरना देकर किया प्रदर्शन, सरपंच को पद से हटाया
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सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
 महू रोड स्थित कृषि मंडी में एक व्यापारी के गोदाम के सामने ट्रक खड़ा करने को लेकर व्यापारी के मुनीम व हम्मालों तथा ट्रक ड्राईवर के बीच विवाद हो गया। कुछ ही देर में विवाद तूल पकड़ लिया और व्यापारियों व किसानों ने धरना देकर मुनीम व हम्मालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मंडी व्यापारियों के अनुसार एक व्यापारी के गोदाम पर शुक्रवार दोपहर प्याज भरने के लिए एक ट्रक आया था। ट्रक ड्राईवर ने थोड़ी दूर स्थित दूसरे व्यापारी के गोदाम के सामने ट्रक खड़ा किया था। इस पर दूसरे व्यापारी के मुनीम व हम्मालों ने आपत्ति ली। इसे लेकर उनके व ट्रक ड्राईवर के बीच विवाद व मारपीट की स्थिति बन गई। ड्राईवर ने संबंधित व्यापारी को जाकर घटना बताई। जब संबंधित व्यापारी दूसरे व्यापारी के यहां बात करने गया तो हम्मालों ने उससे विवाद किया। इससे व्यापारी व किसान नाराज हो गए तथा नीलामी रोककर कार्रवाई करने की मांग करने लगे। करीब दो घंटे तक नीलामी बंद रही। दोनों पक्ष सालाखेड़ी पुलिस चौकी पहुंचे। कुछ देर बाद मंडी सचिव व तहसीलदार पहुंचे तथा दोनों पक्षों से चर्चा की। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। 
       लोन देने के नाम पर धोखाधड़ी, आरोपी गिरफ्तार
रतलाम । एक व्यक्ति द्वारा दो बत्ती क्षेत्र में श्री मनी माइक्रो फाइनेंस कंपनी के नाम से  बगैर रिजस्ट्रेशन फाइनेंस कंपनी खोलकर महिलाओं के समूह को सस्ती ब्याज दर पर लोन देने के नाम पर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। का मामला सामने आया है। स्टेशन रोड पुलिस ने कंपनी संचालक आरोपी 54 वर्षीय विजय कुमार पिता लक्ष्मण राव सोनोने निवासी रामी नगर थाना नीलगंगा उज्जैन, हाल मुकाम अरिहंत नगर गोमट गिरी थाना गांधीनगर इंदौर को गिरफ्तार कर लिया।
       पुलिस के अनुसार 18 सितंबर 2025 को उमेश बलावत निवासी नागदा (उज्जैन) ने शिकायत की थी कि आरोपी विजय सोनोने द्वारा “श्री मनी माइक्रो फाइनेंस कंपनी” के नाम से फर्जी कंपनी संचालित कर लोन दिलाने के नाम पर महिलाओं के समूह से भारी राशि वसूली जा रही थी। पिछले दिनों विजय ने उसे पंपलेट दिखाते हुए कहा था कि पंपलेट का प्रचार-प्रसार करना है, इसके लिए तुम्हे 15 हजार रुपए व पेट्रोल खर्च दूंगा। पंपलेट में यह बताया गया था कि एक लाख रुपए का ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर दिया जाएगा। ऋण की 24 किस्ते हर माह 5168 रुपए होगी। पचास हजार रुपए का ऋण भी एक प्रतिशत ब्याज पर दिया जाएगा तथा उसकी मासिक 2584 रुपये किस्त होकर 24 ही किस्ते होगी। विजय द्वारा महिलाओं के समूह को प्रलोभन देकर उनके दस्तावेज एकत्रित किए गए है तथा फाइल चार्ज व बीमा शुल्क के नाम पर राशि भी ली गई है। कंपनी का कोई पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) नहीं है तथा विजय लोगों से फाइनेंस के नाम पर धोखाधड़ी कर रहा है। शिकायत की जांच के लिए एसपी अमित कुमार के निर्देशन, एएसपी राकेश खाखा व सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन तथा स्टेशन रोड थाना प्रभारी स्वराज डाबी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने जांच में पाया कि कंपनी नाम से कोई रजिस्ट्रेशन नही है। विजय सोनोने द्वारा फर्जी फाईनेंस कंपनी बनाकर लोन देने के नाम पर फाइल चार्ज व बीमा चार्ज के रुपए लेकर समूह की महिलाओ के साथ कुटरचित पंपलेट, किस्त कार्ड इत्यादि दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की गई है। वह पहले भी इसी प्रकार माइक्रो फाईनेंस कंपनी बनाकर लोगो को लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर चुका है। विजय के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4), 338, 336 (3) के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी के दस्तावेज, पंपलेट, किस्त डायरी, रजिस्टर, खाली एवं भरे हुए फार्म, कंप्यूटर सिस्टम (सीपीयू, मॉनिटर, की-बोर्ड, माउस), प्रिंटर, धोखाधड़ी से प्राप्त एक लाख 21 हजार रुपए जब्त किए गए है। टीम में एसआइ मुकेश सस्तिया, प्रधान आरक्षक हेमंत परमार, मुकेश चौहान, कुलदीप सिसौदिया, आरक्षक अनिल सोलंकी व लोकेंद्र सोनी शामिल थे। एसआइ मुकेश सस्तिया ने बताया कि अब तक विजय द्वारा रतलाम जिले के 61 लोगों के साथ दो लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी करा सामने आई है। उससे और पूछताछ की जा रही है।  
           विद्यार्थी धरने पर बैठे, ग्रामीणों ने भी दिया सहयोग
रतलाम। अंग्रेजी विषय के शिक्षक का तबादला करने तथा अन्य समस्याओं से परेशान ग्राम सरसी में स्थित एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों का शुक्रवार सुबह गुस्सा फूट पड़ा। वे सुबह समय पर स्कूल तो पहुंचे लेकिन स्कूल न जाते हुए सुबह करीब दस बजे गेट के बाहर एकत्र हो गए तथा धरना देकर नारेबाजी करते हुए मांगों की निराकरण करने की मांग करने लगे। कुछ ही देर में उनके अभिभावक व बड़ी संख्या में ग्रामीण भी वहां पहुंचे तथा उनका सहयोग देते हुए कहा कि हम तुम्हारे साथ है। घबराने की जरूरत नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होगी, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। विद्यार्थियों का कहना था कि अंग्रेजी विषय के शिक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह का तबादला ग्राम पाताखेड़ी कर दिया गया है, दो माह से तबादला निरस्त करने की मांग कर रहे है लेकिन अभी तक नहीं किया गया है। उनका तबादला निरस्त किया जाए। स्कूल के शिक्षक विलंब से आते है। शोचालय व्यवस्था ठीक नहीं है, स्कूल मैदान में किसी प्रकार की साफ-सफाई व खेल गतिविधियां नहीं कराई जाती है। कुछ देर बाद जावरा से बीआरसी ज्योति पटेल व तहसीलदार पहुंचे तो विद्यार्थियों व ग्रामीणों ने कहा कि कलेक्टर या जिला शिक्षा अधिकारी को बुलाओ उनसे ही चर्चा करेगे। दोपहर दो बजे बाद जिला शिक्षा अधिकारी अनिता सागर वहां पहुंची तथा एक सप्ताह में मांगों का निराकरण करने का आश्वासन दिया, इसके बाद धरना प्रदर्शन खत्म किया गया।   
                     रिश्वत लेते पकड़े गए के
                     सरपंच को पद से हटाया
रतलाम। रिश्वत लेते पकड़े गए ग्राम पंचायत ईटावाखुर्द के सरपंच घनश्याम कुमावत को सरपंच पद से हटा दिया गया है। जिला पंचायत के सीईओ व विहित प्राधिकारी श्रृंगार श्रीवास्तव ने बताया कि 17 अप्रैल 2025 को लोकायुक्त उज्जैन ने शिकायतकर्ता विनोद डाबी निवासी ग्राम बिन्जाखेड़ी की शिकायत के आधार पर  घनश्याम कुमावत को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था तथा कुमावत के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया था। उक्त आधार पर सरपंच घनश्याम कुमावत के खिलाफ न्यायालय जिला पंचायत रतलाम में धारा 40 के तहत दर्ज प्रकरण में सरपंच की सुनवाई उपरांत प्रकरण में सरपंच कुमावत को एक लोक सेवक होकर कार्य के बदले रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाकर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का दोषी पाया जाना प्रमाणित पाया गया। इसके बाद सरपंच कुमावत को मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 (1) (ख) के तहत सरपंच पद से पृथक किया गया है।

    सुशीला देवी दिवेकर को गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए।

       देहदान योजना के तहत सुशीला देवी दिवेकर
             को गॉड आफ ऑनर देकर दी अंतिम विदाई
रतलाम। प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ रवि दिवेकर, पूर्व प्रध्यापक पराग दिवेकर व सैलाना में पदस्थ बीएससी स्मिता शुक्ला की मां 77 वर्षीय सुशीला देवी दिवेकर का गुरुवार को निधन हो गया। उनकी देहदान डॉ लक्ष्मी नारायण पांडेय मेडिकल कॉलेज रतलाम को की गई। प्रदेश शासन द्वारा शुरू की गई योजना के तहत शुक्रवार दोपहर जिला व पुलिस प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों, समाजसेवियों की उपस्थिति में उनके पार्थिव शरीर को गंगासागर स्थित निवास पर गॉड ऑफ ऑनर दिया गया। डॉ जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में देहदान के रूप में प्राप्त होने वाले शव का पूरा सम्मान किया जाता है और विधिवत पंचतत्व में विलीन भी किया जाता है। समाजसेवी गोविंद काकानी ने बताया कि सुशीला देवी के निधन के बाद समय पर नेत्रदान किया गया था। इससे किसी को नई नेत्र ज्योति मिल सकेगी। जिले में अब तक 16 लोगों के देहदान हो चुके है, लेकिन शासन द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देने की योजना शुरू करने के बाद यह पहला देहदान था। सुशीलादेवी डा. रश्मि दिवेकर, पत्रकार नीरज शुक्ला व व्यवसायी नयन वानखेड़े की सासु मां थी।