डोडाचूरा की तस्करी  करने के आरोपी युवक को 10  वर्ष  के सश्रम कारावास की सजा,  तीन दोषमुक्त

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डोडाचूरा की तस्करी  करने के आरोपी युवक को 10  वर्ष  के सश्रम कारावास की सजा,  तीन दोषमुक्त
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✍  सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में स्थित आलोट न्यायालय ने  डोडाचूरा (मादक पदार्थ)  की तस्करी करने के मामले में दोषी पाए जाने पर अभियुक्त 32 वर्षीय भंवरसिंह डामोर पिता गिरधारी डामोर निवासी ग्राम बरमण्डल थाना राजोद जिला धार को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 (सी)  में 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।  न्यायालय ने उस पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी किया। वहीं मामले में तीन आरोपियों को आरोप प्रमाणित नहीं होने पर दोषमुक्त किया गया।  फैसला आलोट के विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) संदीप कुमार सोनी  ने सुनाया।
        अपर लोक अभियोजक हेमेंद्र कुमार गोयल ने बताया कि आलोट पुलिस को 25 अक्टूबर 2024  मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम पिपलियापीथा का गणपत मालवीय नामक व्यक्ति कार (एमपी-43/एमजी-7777 )  में डोडाचूरा लेकर बड़ौद रोड़ वाले मुंज  के कच्चे रास्ते पर रेल्वे लाईन के पास 02 व्यक्तियों को डोडाचूरा देने के लिए आने वाला है।  सूचना पर पुलिस दल ने मुंज वाले कच्चे रास्ते पर पहुंचकर रेलवे लाइन के पास घेराबंदी की थी तो वहां एक कार में आरोपी बैठकर बातचीत कर रहे थे। इसी बीच पुलिस को देखकर कार से दो व्यक्ति उतर कर भाग गए थे। वहीं पुलिस ने कार पीछे की सीट पर बैठे आरोपी भंवरसिंह डामोर को पकड़ कर कार की तलाशी ली थी। तलाशी लेने पर कार में पीछे वाली सीट व डिक्की में डोडाचूरा से भरे प्लास्टिक के तीन कट्टे मिले थे, जिनमें 51 किलो 480 ग्राम डोडाचूरा भरा हुआ था। पुलिस ने आरोपी भंवरसिंह को गिरफ्तार कर लिया था तथा कार व डोडाचूरा जब्त कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 (सी) के तहत प्रकरण दर्ज किया था। पूछताछ करने पर भंवर सिंह ने कार से उतर कर भागे व मामले में तीन अन्य आरोपियों गणपत मालवीय पिता भग्गा मालवीय,  दिलीप डामोर पिता बालू डामोर व मुश्ताक खां पिता अजीज खां मंसूरी के शामिल होने की जानकारी दी थी। इसके बाद पुलिस ने उक्त तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया था। जांच के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया था। न्यायालय ने सुनवाई के बाद दोषी पाए जाने पर अभियुक्त भंवरसिंह डामोर को सजा सुनाई तथा आरोप प्रमाणित नहीं होने पर आरोपी गणपत मालवीय, दिलीप डामोर व मुश्ताक खां को दोषमुक्त किया। प्रकरण में शासन की तरफ से पैरवी अपर लोक अभियोजक हेमेंद्र कुमार गोयल ने की।