दो दोस्तों के शव तालाब में मिले, एक के खाते में आए थे सायबर फ्राड के छह से साढ़े छह लाख रुपए

- एक अन्य दोस्त को ग्रामीणों ने पानी की मोटर चुराने आने की शंका में पकड़ कर पुलिस को सौंपा था

दो दोस्तों के शव तालाब में मिले, एक के खाते में आए थे सायबर फ्राड के छह से साढ़े छह लाख रुपए
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✍  सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले की ग्राम पंचायत कमरदी में स्थित मथुरी तालाब में शनिवार दोपहर तीन दिन से लापता दो दोस्तों के शव तैरते हुए मिले। इससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने गोता खोरों की मदद से दोनों के शव तालाब से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाए। वहीं मामले में यह बात भी सामने आई है कि दोनों दोस्त 15 अप्रैल 2026 की रात मछली पकड़ने के लिए निकले थे। उनके एक दोस्त को ग्रामीणों ने मथुरी तालाब के पास पानी की मोटर चुराने आने की शंका में पुलिस को पकड़कर सौंपा था। उसे जेल भेज दिया था। एक मृतक के बैंक खाते में सायबर फ्राड के छह से साढ़े छह लाख रुपए आने की बात भी सामने आई है। दोनों दोस्तों की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। माणकचौक पुलिस मामले की जांच कर रही है।

       जानकारी के अनुसार 18 अप्रैल की दोपहर करीब डेढ़ बजे रतलाम शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित मथुरी तालाब में ग्रामीणों को दो युवकों के पानी में पड़े दिखाई दिए। कुछ ही देर में खबर तेजी से फैली और तालाब के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर मामकचौक थाना प्रभारी पतिराम डावरे, एसआई एपी सिंह, एफएसएल अधिकारी डॉ अतुल मित्तल व अन्य पुलिस अधिकारी व जवान वहां पहुंचे। पुलिस ने गोताखोरों को बुलवाकर उनकी मदद से दोनों युवकों के शवों को बाहर निकलवाया। इसी बीच मृतक युवकों के परिजन व रिश्तेदार भी वहां पहुंचे तथा उन्होंने मृतकों की पहचान 30 वर्षीय मुन्ना निनामा पिता धन्नालाल निनामा निवासी दिलीप नगर और 29 वर्षीय शंकर भाभर पिता कालूराम भाभर निवासी बजरंग नगर के रूप में की। पुलिस ने घटना स्थल की जांच के बाद शाम करीब चार बजे दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाया।
              मछली पकड़ने के गए थे
मेडिकल कॉलेज में आई शंकर भाभर की बहन आरती ने बताया कि शंकर, मुन्ना और शंकर का पड़ोसी प्रकाश निनामा पिता हेमराज निनामा 15 अप्रैल 2026 की रात मछली पकड़ने गए थे। उसके बाद वापस नहीं लौटे। बाद में पता चला कि प्रकाश को पुलिस ने पकड़ लिया है। प्रकाश के पिता हेमराज निनामा ने बताया कि दूसरे दिन पता चला कि प्रकाश को माणकचौक पुलिस ने गिरफ्तार किया है और उसे जेल भेज दिया है। प्रकाश की 17 अप्रैल को जमानत कराकर जेल से रिहा कराकर लाए हैं। उसने यह नहीं बताया कि पुलिस ने उसे क्यों गिरफ्तार किया था।

     मुन्ना निनामा के खाते में सायबर फ्राड के रुपए आए थे
मृतक मुन्ना निनामा के भाई शंकर निनामा ने बताया कि छह दिन पहले महाराष्ट्र पुलिस मुन्ना निनामा को तलाश करने आई थी। तब मुन्ना नहीं मिला था। पुलिस ने मुझे बताया था कि मुन्ना के खाते में सायबर फ्राड के छह से साढ़े छह लाख रुपए आए है। पुलिस ने मेरा फोटा खींचा था तथा मेरे मोबाइल फोन नम्बर भी लिए थे और कहा था कि मुन्ना आए तो हमारे पास भेज देना। मैने तलाश की तो पता चला कि मुन्ना का उसके कुछ दोस्तों ने बैंक में खाता खुलावाया था। मैं सांवलियजी चला गया था। दो दिन पहले ही वहां से वापस आया हूं, मुझे मुन्ना नहीं मिला और मुन्ना व शंकर भाभर तालाब में मृत मिले। उनके साथ क्या घटना हुई, मुझे नहीं पता।
  शंकर मंडी में और मुन्ना वेयर हाउस में हम्माली करते थे
    शंकर भाभर महू रोड स्थित अनाज मंडी में तथा मुन्ना निनामा दिलीप नगर क्षेत्र में स्थित एक अनाज के गोदाम पर हम्माली करता था। वे तालाब में कैसे डूबे यह रात तक पता नहीं चल पाया। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। पुलिस उनकी मौत के कारणों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने व जांच के बाद ही उनकी मौत का कारण पता चला पाएगा। माणकचौक थाना प्रभारी पतिराम डावरे ने बताया कि प्रकाश को ग्रामीणों ने पानी की मोटर चोरी करने की शंका में पकड़कर सौंपा था। उसके खिलाफ प्रताबंधात्मक कार्रवाई कर उसे एसडीएम न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मुन्ना व शंकर की मौत का कारण पता नहीं चला है, जांच की जा रही है।