लोकायुक्त ने 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते पटवारी को पकड़ा, जमीन के सीमांकन के लिए ली थी रिश्वत, तीन हजार रुपए पहले ही ले लिए थे

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लोकायुक्त ने 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते पटवारी को पकड़ा, जमीन के सीमांकन के लिए ली थी रिश्वत, तीन हजार रुपए पहले ही ले लिए थे
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✍  सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्य प्रदेश के सैलाना नगर में स्थित तहसील कार्यालय के नाजिर कक्ष में लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने एक व्यक्ति से आरोपी पटवारी कैलाश वडख्या को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड लिया। पटवारी तीन हजार रुपए पहले ही ले चुका था। उसने 20 हजारु की शेष राशि गुरुवार को फरियादी से ली और अपनी पेंट की जेब में रख ली थी। लोकायुक्त टीम के सदस्यों से उसकी पेंट की जेब से उक्त राशि जब्त कर ली।
      लोकायुक्त के अनुसार 10 अप्रैल 2026 को फरियादी जितेंद्र पाटीदार पिता ईश्वर लाल पाटीदार निवासी ग्राम अडवानिया तहसील सैलाना ने उज्जैन के लोकायुक्त कार्यालय जाकर लोकायुक्त एसपी आनंद कुमार यादव को लिखित शिकायत की थी कि उसके पिता ईश्वरलाल पाटीदार के नाम पर सैलाना व बागरियों की खेड़ी क्षेत्र में लगभग पांच हेक्टर कृषि भूमि है। उसके पिता ने उक्त कृषि भूमि की वास्तविक स्थिति (सीमा) जानने के लिए 22 जनवरी 2026 को लोकासेवा केंद्र के माध्यम से सीमांकन कराने का आवेदन किया था। आवेदन करने के बाद सीमांकन नहीं होने पर वह 09 मार्च 2026 को तहसील कार्यालय सैलाना गया तथा हल्का नम्बर 26 के पटवारी कैलाश वडख्या से सीमांकन के संबंध में जानकारी ली तो उसने कहा था कि फीस जमा करा दोगे तो नपती हो जाएगी। बाद में उसने 09 अप्रैल 2026 को आरोपी पटवारी कैलाश वडख्या के घर जाकर सीमांकन के संबंध में बात की तो पटवारी ने 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत की तस्दीक कराने पर पर शिकायत सही पाई गई। इसके बाद आरोपी पटवारी कैलाश वडख्या को रंगेहाथ पकड़ने के लिए योजना बनाकर टीम गठित की गई। लोकायुक्त निरीक्षक राजेंद्र वर्मा के नेतृत्व में टीम 16 अप्रैल 2026 की दोपहर सैलाना नगर पहुंची तथा सैलाना तहसील कार्यालय के पास पहुंचकर आसपास घेराबंदी की। कुछ देर बाद फरियादी जितेंद्र पाटीदार ने तहसील कार्यालय के नाजिर कक्ष में जाकर पटवारी कैलाश वडख्या को रिश्वत के 20 हजार रुपए दिए। पटवारी ने रुपए लेकर पेंट की जेब में रख लिए। उधर, फरियादी जितेंद्र पाटीदार ने नाजिर कक्ष के बाहर जाकर लोकायुक्त टीम के सदस्यों को इशारा किया। टीम के सदस्य तत्काल नाजिर कक्ष में पहुंचे और पटवारी कैलाश वड़क्या को पकड़कर उसकी पेंट की जेब से रिश्वत के 20 हजार रुपए जब्त किए।
     30 हजार रुपए मांगे थे, सात हजार रुपए कम किए थे
    लोकायुक्त के निरीक्षक राजेंद्र वर्मा ने बताया कि आरोपी पटवारी कैलाश वडख्या से फरियादी जितेंद्र पाटीदार से 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। जितेंद्र पाटीदार जब 10 अप्रैल 2026 को पटवारी से मिला था और राशि कम करने के लिए निवेदन किया तो पटवारी ने सात हजार रुपए कम 23 हजार रुपए देने का कहा था। उसने तीन हजार रुपए जितेंद्र पाटीदार से उसी दिन ले लिए थे। शेष राशि 16 अप्रैल 2026 को देना तय हुआ था। पटवारी ने शेष 20 हजार रुपए आज लिए, तभी उसे पकड़ लिया गया। पटवारी कैलाश वड़ख्या के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। टीम में प्रधान आरक्षक हितेश ललावत, आरक्षक विशाल रेशमिया, उमेश  व श्याम शर्मा  शामिल थे।