स्कूलों में “बर्थडे कल्चर” पर प्रतिबंध, डीईओ ने दिए आदेश, विधायक कमलेश्वर डोडियार ने पत्र लिखकर की थी मांग
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✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के सरकारी स्कूलों में जिला शिक्षा विभाग द्वारा “बर्थडे कल्चर” (गैर शैक्षणिक गतिविधियां) के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह प्रतिबंध सैलाना विधानसभा के विधायक कमलेश्वर डोडियार की पहल पर लगाया गया है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) लिखकर स्कूलों में बर्थडे पार्टियों पर रोक लगाने की मांग की थी।
आधुनिक दौर में चौरहों, होटलो, ढाबो, बगीचों सहित अनेक सार्वजनिक स्थलों पर लोगों द्वारा बर्थडे कार्यक्रम आयोजित किए जाने लगे है। कई बार सड़कों पर सार्वजनिक स्थलों पर बर्थडे मनाने के दौरान विवाद की स्थितियां भी बनीं है। वहीं सरकारी स्कूलों में भी बर्थडे के आयोजन होने लगे है, इससे स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसी बात को ध्यान में रखकर सैलाना के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने स्कूलों में शिक्षकों के माध्यम से मनाई जा रही बर्थडे पार्टियों पर रोग लगाने के लिए 08 अप्रैल 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को पत्र लिखा था। जिला शिक्षा अधिकारी, रतलाम ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी करते हुए सभी शासकीय विद्यालयों में इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगा दी है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 09 अप्रैल 2026 को स्कूलों में बर्थडे कार्यक्रम (गैर शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगाने के आदेश जारी किए। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी स्कूलों में स्कूल के समय के दौरान ही स्टाफ द्वारा गैर शैक्षणिक गितिविधियां की जाती है। इससे निर्धारित समय में स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। सरकारी स्कूलों में अधिकांश विद्यार्थी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। इस कारण उक्त गतिविधियों का विद्यार्थियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। जिले के सभी सरकारी हायर सेकंडरी व हाई स्कूलों के प्राचार्यों को भेजे गए आदेश में उन्हें निर्देशित किया गया है कि विद्यालयों में उक्त गतिविधियां आयोजित नहीं की जाए, ताकि संस्थागत शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। निर्देश का कड़ाई से पालन किया जाए। उल्लेखनीय है कि स्कूलों में बर्थडे कल्चर पर रोक लगाने का मध्य प्रदेश में यह पहला मामला है। विधायक कमलेश्वर डोडियार ने उक्त आदेश के संबंध में कहा कि यह आदेश जिले के सरकारी स्कूलों में अनुशासन और पढ़ाई के माहौल को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।