देखे वीडियो...नगर निगम सम्मेलन के पहले कांग्रेस ने जन आक्रोश रैली निकालकर किया प्रदर्शन, भारी ट्रैक्स वृद्धि के प्रस्तावों का आरोप

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  सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
नगर निगम के 07 अप्रैल 2026 को होने वाले सम्मेलन के एक दिन पहले कांग्रेस ने जन आक्रोश रैली निकाली नगम का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने नगर निगम में जमकर नारेबाजी तथा आरोप लगाया कि सम्मेलन में गरीब व लघु व्यापारियों पर लायसेंस शुल्क में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि तक के प्रस्ताव लाए जा रहे है। इन प्रस्तावों का कांग्रेस विरोध करती है। यदि भारी टैक्स वृद्धि की गई तो कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी।
        सोमवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा के नेतृत्व में ढोल-धमाकों के साथ शहीद चौक से आक्रोश रैली निकाली गई। रैली विभिन्न मार्गों से होकर नगर निगम गेट पर पहुंची, लेकिन पहले से ही गेट बंद कर दिया गया था। कांग्रेस नेता मंसूर पटौदी व राजीव रावत ने धक्का देकर गेट खोला। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए नगर निगम के मुख्य गेट पर पहुंचे और घेराव कर काफी देर तक नारेबाजी की। घेराव प्रदर्शन के संबोधित करते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा, पूर्व अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, कांग्रेस नेत्री यास्मीन शेरानी, कांग्रेस नेता पारस सकलेचा, कमरुद्दीन कछवाय, मयंक जाट, हितेश पैमाल, राजीव रावत आदि ने संबोधित करते हुए कहा कि लायसेंस शुल्क के नाम पर लूट की जा रही है। श्वानों के बधियाकरण में भ्रष्टाचार किया गया, नगर निगम में भष्टाचार बढ़ता जा रहा है। भाजपा, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान व महापौर  ने नगर निगम चुनाव के पहले जो वादे किए थे, उन्हें भी पूरा नहीं किया जा रहा है। शहर के कई मोहल्लों व कॉलोनियों के नलों में गंदा पानी आ रहा है। टैक्स बढ़ाया जा रहा है लेकिन हर रोज पेयजल सप्लाय नहीं किया जा रहा है। नेताओं के भाषण के बाद नगर निगम आयुक्त अनिल भाना व नायब तहसीलदार रामचंद्र पांडे को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित अलग-अलग ज्ञापन सौंपे।

                बजट सत्र ही नहीं किया जा रहा है
   ज्ञापन में कहा गया है कि नगर निगम के 07 अप्रैल 2026 को होने वाले सम्मेलन की कार्यसूची में 169 छोटे व गरीब व्यवसायों पर लायसेंस शुल्क बढ़ान का प्रस्ताव रखा गया है। ठेलागाड़ी पर व्यापार करने वाले, पान की दुकान, ऑटो गैरेज, फोटोकाफी की दुकान, दूध, दही की दुकान, ब्यूटी पार्लर, फेरी कर दूध बेचने वाले, पानी पताशे बेचने वाले, कबाड़ी, घड़ी सुधारक, अंडे के ठेले लगाने वाले, बर्फ व्यवसायी आदि पर 10 से 30 गुना तक लाइसेंस शुल्क दस गुना रंगदारी टैक्स वसूली का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि यह बजट सत्र नहीं है। अधिनियम के अनुसार इस तरह के प्रस्ताव बजट सत्र में रखे जाना चाहिए थे। बजट सत्र 2-26-27 का आयोजन नहीं किया गया, जबकि बजट सत्र मार्च माह के पहले हर हालत में करना था। पिछले बजट में 174 मद में झूठे व भ्रामक आंकड़ों पर हमारी आपत्ति पर इस बार बजट-सत्र ही नहीं किया जा रहा है। उन्हें डर है कि उनका भ्रष्टाचार उजागर न हो जाए।
                 गंदगीयुक्त पानी का वितरण
ज्ञापन में कहा गया है कि कई मोहल्लों में सिवरेज की गंदगीयुक्त जहलीरा पानी वितरित किया जा रहा है। कांग्रेस प्रतिनिधि की शिकायत पर एनजीटी में प्रकरम चल रहा है तथा माननीय न्यायालय द्वारा लताड़ लगाई गई है। अमृत योजना-0.2 में 60 करोड़ रुपए की योजना में पाइप लाइन बदलने के बाद भी पानी में सिवरेज की गंदगी, कीड़े, बदबू की भरमार बढ़ गई है।
                   प्रदर्शन में ये भी शामिल
कांग्रेस नेता सतीश पुरोहित, राकेश झालानी, जोएब आरिफ, इक्का बेलुत, प्रदीप राठौड़, मेहमूद शेरानी, बसंत पंडया, शांतू गवली, शैलेंद्र खरे, अभिषेक सिंह, विनोद मिश्रा, वहीद शेरानी, नासिर कुरैशी, वीरेंद्र सिंह, वुसत जैदी, धर्मेंद्र मंडवारिया, शाकिर मंसूरी, सुजीत उपाध्याय, इकरार चौधरी, शैलेंद्र सिंह अठाना, विजय उपाध्याय, पार्षदगण और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल थे।