महू-नीमच हाईवे पर ट्राले की चपेट में आने से युवक की मौत, पत्नी व बेटी घायल, नाराज लोगों ने किया चक्काजाम
- लोगों ने डायल 112 वाहन चालक से धक्का-मुक्की कर वाहन में की तोड़फोड़
✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से गुजर रहे महू-नीमच हाईवे पर स्थित कांडरवासा फंटे पर ट्राले की चपेट में आने से बाइक सवार 32 वर्षीय पवन पिता राधेश्याम निवासी ग्राम आक्यादेह (पुलिस थाना जावरा औद्योगिक क्षेत्र की मौत हो गई तथा उसकी पत्नी व बेटी घायल हो गई। हादसे के बाद ट्राला चालक ट्राला लेकर भाग गया। वहीं मौके पर रुके राहगीरों ने एंबुलेंस सेवा 108 व डायल 100 पर कॉल किए। इसी बीच लोगों ने आक्रोशित होकर चक्काजाम कर दिया। कुछ देर बाद डायल 112 का वाहन मौके पर पहुंचा तो आक्रोशित लोगों ने उसके चालक के साथ धक्कामुक्की कर मारपीट करने का प्रयास किया और डायल 112 वाहन में तोड़फोड़ कर दी।
जानकारी के अनुसार पवन बुधवार सुबह किसी काम से पत्नी 27 वर्षीय पूजा (अनुसुनईया) व करीब तीन वर्षीय बेटी रिया के रतलाम आया था। वह शाम को बाइक पर पत्नी व बेटी के साथ अपने गांव लौट रहा था। तभी रतलाम से करीब 20 किलोमीटर दूर कांडरवासा फंटे पर स्पीड ब्रेकर आने से उसने बाइक धीमी की तो पीछे से आ रहे ट्राले ने बाइक को टक्कर मार दी। इससे पवन, उसकी बेटी, पत्नी व बाइक अलग-अलग जा गिरे और ट्राला पवन को चपेट में लेते हुए आगे निकल गया। दुर्घटना में पवन व उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए तथा बेटी रिया को मामलू चोट आई। इसी बीच वहां से मंदसौर की तरफ जा रहे कुछ लोग मौके पर रुके। किसी ने एंबुलेंस सेवा 108 पर कॉल किया तो किसी ने डायल 100 पर। एंबुलेंस सेवा व डायल 100 पर कॉल नहीं लगा। बाद में किसी ने डायल 112 पर कॉल किया। कुछ समय बाद डायल 112 वाहन मौके पर पहुंचा तो आक्रोशित लोगों ने उसके चालक पर डेर से आने का आरोप लगाकर धक्कामुक्की कर मारपीट का प्रयास किया तथा वाहन में तोड़फोड़ कर दीष। चालक कहता रहा कि वह तो सूचना मिलते ही पहुंच गया लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी।
डा. अभय ओहरी कार से घायलों को ले गए अस्पताल
हादसे के कुछ पल बाद वहां से गुजर रहे रतलाम के समाजसेवी व पैशे से डॉक्टर अभय ओहरी घटना स्थल पर रुके। वे बगैर देर किए लोगों की भीड़ में पहुंचे तथा कुछ लोगों की मदद से घायल को अपनी कार में बैठाया तथा मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां पवन को मृत घोषित किया गया। उसकी पत्नी को प्राथमिक उपचार के बाद परिजन इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए।
प्रकरण दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी
बताया जाता कि घटना के लोगों ने एंबुलेंस सेवा 108 के साथ डायल 100 पर कॉल किए थे, लेकिन कॉल नहीं लगे। डायल 100 का नंबर बदल कर डायल 112 हो गया है। इसी बीच किसी ने डायल 112 पर कॉल किया। तब कुछ समय बाद डायल 112 का वाहन मौके पर पहुंचा तो कुछ लोगों ने वाहन चालक के साथ धक्कामुक्की व मारपीट का प्रयास कर वाहन में तोड़फोड़ कर दी। इसी बीच सूचना मिलने पर नामली थाना प्रभारी गायत्री सोनी, ग्रामीण एसडीएम विवेक सोनकर, एसडीओपी किशोर पाटनवाला आदि मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जाम खुलवाकर यातायात सामान्य कराया। नामली थाना प्रभारी गायत्री सोनी ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।