नवागत कलेक्टर मिशा सिंह ने पदभार ग्रहण किया, रॉयल कॉलेज में एम फार्मा व बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम प्रारंभ होंगे

0 कलेक्टर ने कहा रतलाम जिले में सरकारी योजनाओं का और बेहतर क्रियांवयन करना रहेगी प्राथमिकता 0 पहली बार रतलाम में एम फार्मा पाठ्यक्रम का अध्यापन रॉयल कॉलेज से होगा शुरू

नवागत कलेक्टर मिशा सिंह ने पदभार ग्रहण किया, रॉयल कॉलेज में एम फार्मा व बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम प्रारंभ होंगे
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सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
नवागत कलेक्टर मिशा सिंह ने शुक्रवार शाम रतलाम पहुंचकर रतलाम कलेक्टर का पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कि उनकी पहली प्राथमिक शहर, जिले तथा यहां के लोगों तथा उनका जरूरतों को समझना और शासन की योजनाओं का और बेहतर तरीके से क्रियांवयनन करना होगा।
         उल्लेखनीय है कि चार दिन पहले राज्य शासन ने रतलाम कलेक्टर राजेश बाथम को उप सचिव वन विभाग मध्यप्रदेश शासन के पद पर स्थानांतरित किया था। बाथम के स्थान पर जबलपुर में पदस्थ अपर कलेक्टर (शहर) व 2016 बैच की आईपीएस मिशा सिंह को रतलाम कलेक्टर पद पर स्थानांतरित किया था। नवागत कलेक्टर मिशा सिंह शुक्रवार शाम को रतलाम पहुंची तथा कालिका माता मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। इसके बाद वे शाम करीब साढ़े चार बजे कलेक्टर कार्यालय पहुंची। निवृतमान कलेक्टर राजेश बाथम ने उन्हें पदभार सौंपकर उनका स्वागत किया। इसके बाद मीडिया के सवालों के जवाब देते हए कहा कि कलेक्टर मिशा सिंह ने कहा कि सबसे पहले उनकी प्राथमिकता रतलाम शहर व जिले तथा यहां के लोगों व उनकी जरूरतों को समझना रहेगी। वे उन्हें समझेगी तभी तो पता चलेगी जिले व यहां के लोगों की जरूरतें क्या है। साथ ही शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं कैसे संचालित हो रही है तथा उन्हें बेहतर तरीके से संचालित करने का प्रयास किया जाएगा।
      एलएलबी करने के बाद यूपीएसी की परीक्षा पास की
नवागत कलेक्टर मिशा सिंह का जन्म राजस्थान के पाली जिले में हुआ था। बाद में उनका परिवार लखनऊ चला गया। उनकी शिक्षा लखनऊ में हुई। एलएलबी करने के बाद यूपीएससी की तैयारी दिल्ली से की। यूपीएसी क्रेक करने पर उनका आइएएस के लिए हुआ। वे रायसेन में एसडीएम, शाजापुर में जिला पंचायत सीईओ तथा जबलपुर में एसडीएम पद पर कार्यरत रही और अब रतलाम कलेक्टर की कमान  
   नवीन सत्र से प्रारंभ होंगे रॉयल कॉलेज में नए पाठ्यक्रम
रतलाम। सालाखेड़ी स्थित रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के फार्मेसी कॉलेज में चालू सत्र 2025-26 से एम फार्मा पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। इसके संचालन के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (नईदिल्ली) से अनुमति प्राप्त हो चुकी है तथा राजीव गांधी प्रौध्योगिकी विश्वविद्यालय भोपाल से सम्बद्धता भी प्रदान की जा चुकी है। साथ ही रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के नर्सिंग महाविद्यालय में चार वर्षीय बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किया जा रहा है। इसके संचालन के लिए मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल द्वारा नर्सिंग महाविद्यालय को अनुमति भी प्राप्त हो चुकी है।
         यह जानकारी रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन प्रमोद गुगालिया ने शुक्रवार को पत्रकारवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि 65 बीघा क्षेत्रफल मे पिछले 29 सालों से उनकी संस्था केतहत संचालत महाविद्यालयों में अब इस सत्र से 16 पाठ्यक्रमों का संचालन किया जाएगा। इसमें एम फार्मा, बी फार्मा, डी फार्मा, एमबीए, बीबीए, बीसीए, बीएड, डीएड, बीएससी बायोटेक, बीएससी माइक्रोबायोलॉजी, बीएससी कम्प्यूटर साइंस, बीकाम कम्प्यूटर एप्लीकेशन, बीकाम प्लेन, बीएससी नर्सिंग, जीएनएम व एनटीटी आदि कोर्स प्रमुख है। वर्तमान में इन पाठ्यक्रमों में करीब 2500 विद्यार्थी अध्ययनरत है।
                       विद्यार्थियों का पलायन रोकने
                        के लिए रॉयल ग्रुप प्रयासरत
 रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के डायरेक्टर ने डॉ उबेद अफजल ने बताया कि विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए रतलाम से बाहर के शहरों में पलायन को रोकने के लिए संस्था हमेशा प्रयासरत रही हैं। संस्था के अंतर्गत संचालित फार्मेसी महाविद्यालय में बी फार्मा पाठ्यक्रम का पिछले 15 वर्षों से अध्यापन कराया जा रहा है, लेकिन एम फार्मा पाठ्यक्रम का अध्यापन पूरे जिले में कहीं भी नहीं होने से बी फार्मा करने के बाद विद्यार्थियोँ को कोटा, इंदौर, भोपाल, बड़ोदा आदि शहरों में जाना पड़ता था। अब रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने इसी शैक्षणिक सत्र से एम फार्मा पाठ्यक्रम प्रारंभ होने से विद्यार्थियों को रतलाम से बाहर उक्त पाठ्यक्रम के अध्ययन के लिए नहीं जाना पड़ेगा। संस्था द्वारा एम फार्मा पाठ्यक्रम के अध्यायन की फीस निर्धारण भी प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति (फीस रेग्युरेटरी बॉडी) से करवा लिया गया है। पत्रकारवार्ता में फार्मेसी संकाय के प्राचार्य डॉ मनीष सोनी,  प्रबंधन संकाय के प्राचार्य डॉ प्रवीण मंत्री, शिक्षा संकाय के प्राचार्य डॉ आरके अरोरा, वाणिज्य संकाय के प्राचार्य डॉ अमित शर्मा, नर्सिंग संकाय के प्राचार्य जगदीश डूके, प्रशासक प्रफुल्ल उपाध्याय, लाइफ साइंस के विभागाध्यक्ष प्रो. कपिल केरोला व कम्प्यूटर साइंस की विभागाध्यक्ष प्रो. दीपिका कुमावत भी उपस्थित थे।