स्ट्रीट डॉग का बाइक सवार व्यक्ति पर हमला, गंभीर रूप से हुआ घायल, मुश्किल से बचाई जान 

चार साल में ढाई करोड़ से ज्यादा खर्च, फिर पर श्वानों के आतंक से नहीं मिली लोगों की मुक्ति

स्ट्रीट डॉग का बाइक सवार व्यक्ति पर हमला, गंभीर रूप से हुआ घायल, मुश्किल से बचाई जान 
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 सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
जिले में स्ट्रीट डॉग (श्वान) आम लोगों की जान के दुश्मन बने हुए है। स्ट्रीट डॉग आए दिन बच्चों, बुजुर्गोँ, महिलाओं व युवाओं को काटकर घायल कर रहे है। रतलाम शहर के हर गली-मोहल्ले में श्वानों के झुंड घूमते रहते है और राह चलते लोगों को निशाना बनाते है। कई बार लोग बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचा पाते है। मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे नगर भवन के सामने मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट डॉग ने बाइक सवार एक व्यक्ति पर हमला कर दिया। इसके चलते वे नीचे गिर गए। स्ट्रीट डॉग ने उनके हाथ पर एक जगह और एक पैर पर चार जगह काट लिया। वे गंभीर रूप से घायल हो गए। बड़ी मुश्किल से उन्होंने अपनी जान बचाई। उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
        जानकारी के अनुसार 60 वर्षीय शफीक खान निवासी राजू नगर (डीजल शेड क्षेत्र) मंगलवार दोपहर करीब ढ़ाई बजे बाइक पर नगर निगम भवन के सामने से जा रहे थे। तभी एक स्ट्रीट डॉग उन पर लपका और भौंकते हुए उनका पैर पकड़ने का प्रयास करने लगा। अचानक हुए हमले से बचने का उन्होंने प्रयास किया लेकिन स्ट्रीट डॉग उनके पीछे ही पड़ गया। संतुलन बिगड़ने से वे नीचे गिर गए। स्ट्रीट डॉग से बचने का उन्होंने काफी प्रयास किया लेकिन स्ट्रीट डॉग ने उनके उल्टे पैर पर चार जगह काट लिया तथा एक हाथ पर भी नोच लिया। पैर पर एक जगह तो बड़ा घाव हो गया। उन्होंने बचाव करते हुए सड़क कहीं पड़ा ईंट का टूकड़ा व पत्थर के टूकड़े उठाकर स्ट्रीट डॉग को जैसे-तैसे बचाया। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज रैफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। शफीक खान के पुत्र शोएब खान ने बताया कि पापा आधार कार्ड की फोटो कापी कराने व अन्य काम से बाजार गए थे। बाजार से वापस घर लौट रहे थे, तभी नगर निगम मैन रोड पर श्वान ने उन पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।                
             तीन माह पहले युवक की हो चुकी है मौत
           रतलाम शहर के साथ ही जिले के विभिन्न गांवों, कस्बों व नगरों में स्ट्रीट डॉग द्वारा लोगों को काटकर घायल करने की घटनाएं आए दिन होती रहती है। रतलाम जिले में 2024 में 13 हजार 444 लोगों को श्वानों द्वारा काटा गया था। वहीं इस वर्ष अब तक 6800 से अधिक लोगों को श्वान निशाना बना चुके हैं। वहीं तीन माह पहले श्वान के काटने से स्थानीय अशोक नगर निवासी 30 वर्षीय शाहरूख हुसैन पिता नासिर हुसैन की मौत तक हो चुकी है। शाहरूख हुसैन पावर हाउस रोड स्थित सब्जी नीलाम मंडी में हम्माली का काम करता था। वह हमेशा की तरह 31 जुलाई 2025 की सुबह करीब 5.30 बजे हम्माली करने घर से सब्जी नीलाम मंडी जा रहा था। रास्ते में शायर चबूतरा चौराहे के पास स्ट्रीट डॉग ने उसके दाहिने पैर पर काट लिया था, इससे उसके पैर पर घुटने के नीचे बड़ा घाव हो गया था। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया था, वहां से उसे मेडिकल कालेज रेफर किया गया। मेडिकल कालेज से उसी दिन शाम को उसे छुट्टी दे दी थी। 25 अगस्त को शाहरूख की तबीयत ज्यादा खराब होने से उसे पुन: जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। उसे 7 अगस्त को जिला अस्पताल से मेडिकल कालेज रेफर किया गया था, परिजन उसे इलाज के लिए अहमदाबाद (गुजरात) ले गए थे। अहमदाबाद में डॉक्टरों ने शाहरूख की तबीयत गंभीर बताते हुए उसे रतलाम ले जाने के लिए कहा। अहमदाबाद से रतलाम लाते समय रास्ते में शाहरूख की मौत हो गई। इससे लोगों में रोष फैल गया था तथा क्षेत्रीय पार्षद मोहम्मद सलीम बागवान, समाजसेवी इमरान खोकर सहित बड़ी संख्या में नागरिकों स्ट्रीट डॉग, आवारा पशुओं के खुलेआम घूमने पर अंकुश लगाने, मृतक के परिजन को आर्थिक मदद देने व जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर शाहरुख का जनाजा सड़क पर रखकर चक्काजाम किया था। वही दूसरी तरफ नगर निगम द्वारा पिछले चार वर्ष में 3.58 करोड़ 60 लाख रुपए की राशि खर्च कर रतलाम नगर में 33 हजार 630 स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण (नसबंदी) करने का 10 दिन पहले ही दावा किया गया है। इसके बाद भी शहर में स्ट्रीट डॉग की कमी दिखाई नहीं देती है। हर क्षेत्र में चार से पांच, आठ से दस श्वानों के झुंड घुमते रहते है और वे गल्ली-मोहल्लों में लोगों को निशाना बनाते रहते है। एक सप्ताह पहले राजू नगर में ही पांच वर्षीय लड़की और एक व्यक्ति को स्ट्रीट डॉग ने काट लिया था।