तंत्र-मंत्र की शंका में साजिश रचकर अपनों ने ही की थीं महिला की हत्या, जेठानी व दो भतीजे गिरफ्तार
परिवार के पांच लोगों की मौत से डरा हुआ था आरोपियों का परिवार, साजिश के तहत भतीजों ने हत्या कर छत से नीचे फेंक दिया था शव
✍सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
रावटी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत बीड़ के ग्राम भीमपुरा में 48 वर्षीय नानीबाई उर्फ निर्मलाबाई पति कैलाश भूरिया के दो दिन पहले हुए सनसनीखेज अंधेकत्ल के पीछे अंधविश्वास पाया गया है। पुलिस के अनुसार नानीबाई पर उसकी जेठानी व भतीजों को उनके परिवार के एक-एक कर पांच लोगों की मृत्यु होने से तंत्र-मंत्र करने की शंका थी। इस शंका के चलते उन्होंने नानीबाई की हत्या करने की खोफनाक साजिश रची। साजिश के तहत नानीबाई की उसके भतीजों ने उस समय हत्या कर दी थी जब वह रात में पांच पौते-पौतियों के साथ घर की छत पर सो रही थी। हत्या करने के बाद नानीबाई का शव छत से नीचे फेंककर भतीजें वहां से भाग गए थे। पुलिस ने आरोपी जेठानी व इसके दोनों पुत्रों को गिरफ्तार कर लिया है।
एसपी अमित कुमार ने शनिवार को पत्रकारवार्ता में नानीबाई हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने की जानकारी देते हुए बताया कि 24 व 25 सितंबर 2025 की रात नानीबाई उर्फ निर्मलाबाई निवासी ग्राम भीमपुरा अपने घर की छत पर पौते व पौतियों के साथ घर की छत पर सो रही थी। तभी रात में दो अज्ञात व्यक्ति छत पर पहुंचे थे तथा धारदार हथियार से नानीबाई की हत्या कर उसका छत से नीचे फेंक दिया था। 25 सितंबर की सुबह सूचना मिलने पर एएसपी राकेश खाखा, एफएसएल अधिकारी डा. अतुल मित्तल, रावटी थाना प्रभारी दीपक मंडलोई, सैलाना एसडीओपी नीलम बघेल, सायबर टीम, डाग स्क्वाड आदि ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच की थी। अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए एएसपी राकेश खाखा के मार्गदर्शन, एसडीओपी नीलम बघेल व थाना प्रभारी दीपक मंडलोई के नेतृत्व अलग-अलग टीमें गठित की गई थी। टीमों ने बारिकी से जांच की तथा मृतिका के परिजन व अन्य लोगों से जानकारी ली। जांच में पता चला कि नानीबाई की जेठानी धन्नाबाई पति बद्री भूरिया के पति सहित पांच लोगों की अलग-अलग समय मृत्यु हो गई थी। इसके पीछे अंधविश्वास के चलते उन्हें शंका थी कि नानीबाई तंत्र-मंत्र करती है। तंत्र-मंत्र के चलते ही मौते हुई है। इस अंधविश्वास के चलते आरोपियों ने नानीबाई को डायन मानकर उसकी हत्या करने की साजिश रची थी तथा साजिश के तहत घटना वाली रात नानीबाई के भजीते आरोपी 40 वर्षीय शंकर भूरिया पुत्र बद्री भूरिया व 38 वर्षीय बापू भूरिया पिता बद्री भूरिया बाइक से नानीबाई के घर गए थे तथा बाइक साइड में खड़ी कर की घर की छत पर पहुंचे तथा नानीबाई की बड़ी पुत्री 10 वर्षीय लक्ष्मी के जागने पर उसे नीचे के कमरे में सोने के लिए भेज दिया था। इसके बाद कुल्हाड़ी व लोहे के पाइप से वार कर नानीबाई की हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद शव छत से नीचे फेंक दिया था तथा वहां से भाग गए थे। जांच के बाद आरोपी शंकर भूरिया, बापू भूरिया व उनकी मां 57 वर्षीय धन्नाबाई को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बाइक, कुल्हाड़ी व पाइप भी बरामद किया गया है। टीमों में निरीक्षक अमित कोरी, सरवन थाना प्रभारी अर्जुन सेमलिया, सैलाना थाना प्रभारी सुरेंद्र गड़रिया, बिलपांक थाना प्रभारी अय्यूब खान, एसआई इरफान खान, पीएस हटीला, एनएस चौबे, एएसआई गणेश शर्मा, प्रधान आरक्षक बद्रीलाल चौधरी, देवेंद्र डामर, आतीश धानक, आरक्षक राहुल मेड़ा, महेश मेड़ा, अवधेश परमार, राहुल चौहान, निलेश कटारा, सुरेंद्र राठौर, बाहदुर डांगी, सयाबर सेल के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, आरक्षक विपुल भावसार, मयंक व्यास, तुषार सिसौदिया आदि शामिल थे।
पांच मौते से घबरा गया था परिवार
पुलिस के अनुसार जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी शंकर भूरिया की पहली पत्नी गंगाबाई की 12 वर्ष पहले मृत्यु हो गई थी। गंगा की मृत्यु के करीब डेढ़ माह बाद उसकी करीब डेढ वर्षीय बेटी की मृत्यु हो गई थी। कुछ समय बाद शंकर ने रेखा से दूसरी शादी कर ली थी। करीब एक वर्ष पहले शंकर के दादा मानजी भूरिया की बीमारी से मृत्यु हो गई थी। मानजी की मौत के करीब एक माह बाद शंकर के पिता बद्री भूरिया की मृत्यु हो गई। इन सदमों से परिवार ऊभर भी नहीं पाया था कि एक माह पहले शंकर की दूसरी पत्नी रेखा की तबीयत बिगड़ी और उसकी भी मौत हो गई। उसके इलाज में काफी रुपया भी खर्च हुआ। एक-एक कर पांच मौते होने से नानीबाई की जेठानी धन्नाबाई का परिवार परेशान हो गया। उधर, नानीबाई तंत्र-मंत्र सीखने अन्य गांवों में जाती रहती थी, वह हुसैन टेकरी भी जाया करती थी। घर पर तंत्र-मंत्र करती थी। इससे धन्नाबाई व उसके परिजन को लगा कि नानीबाई का घर तो फल-फूल रहा है तथा उनके घर विपत्ति पर विपत्ति आ रही है। उसके तंत्र-मंत्र के चलते ही उनका परिवार बर्बाद हो रहा है। इसी अंधविश्वास के चलते धन्नाबाई व उसके पुत्रों शंकर व बापू ने मिलकर नानाबाई की हत्या करने की साजिश रची थी।