बंगाली डॉक्टर की हत्या के मामले में भांजे को उम्रकैद, साथ में ही रहता था

-क्लीनिक से रुपए चुराने के विवाद की रंजिश में की थी हत्या

बंगाली डॉक्टर की हत्या के मामले में भांजे को उम्रकैद, साथ में ही रहता था
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सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
न्यायालय ने ग्राम पलसोड़ी में क्लीनिक संचालित करने वाले बंगाली डॉक्टर चिरंजीत बिश्वास बंगाली निवासी ग्राम मनोहरपुर गांव (पश्चिव बंगाल) हाल मुकाम स्थानीय ऋषिसिद्धी कॉलोनी की हत्या करने के मामले में उनके भांजे अभियुक्त 19 वर्षीय अजय टीकादार पिता अरविंद टीकादार निवासी सिंगी थाना बागदानाथ जिला 24, परगना (पश्चिम बंगाल) को बीएनएस की धारा 103 में उम्रकैद की सजा सुनाई। उस पर तीन हजार रुपए का जुर्माना भी किया गया। साथ ही उसे धार 238 में सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा व दो हजार रुपए का जुर्माना से भी दंडित किया गया। फैसला प्रधान सत्र न्यायाधीश नीना आशापुरे ने सुनाया।
       अभियोजन के अनुसार चिरंजीत बिश्वास बंगाली डॉक्टर होकर पश्चिम बंगाल मनोहर पुर गांव का रहने वाला था तथा रतलाम जिले के ग्राम पलसोडी में क्लीनिक चलाता था। उनका शव 17 जनवरी 2025 को उनके ऋषिसिद्धी कॉलोनी स्थित फ्लेट के पीछे वाले कमरे में मिला था। उनका भांजा अभियुक्त अजय टीकादार करीब 06 वर्ष पहले से डॉक्टर चिरंजीव के के क्लीनिक पर सहायक के रूप में कार्य रहा था तथा उनक साथ ही रहता था। घटना के एक माह पहले से डॉक्टर चिरंजीत की पत्नी पूजा व बच्चे पश्चिम बंगाल गए हुए थे। अभियुक्त 16 जनवरी 2025 की शाम छह बजे पलसोड़ी स्थित क्लीनिक डॉक्टर चिरंजीत के फ्लेट पर आ गया था। वहीं चिरंजीत व उसका भाई उज्जैन उर्फ निलय बिश्वास रात आठ बजे फ्लेट पर आए थे। खाना खाकर रात करीब साढ़े नौ बजे डॉक्टर चिरंजीत पीछे वाले अपने कमरे में सोने चले गए थे। दूसरे दिन सुबह उनके भाई उज्जैन उर्फ निलय ने खाना बनाया तथा सुबह दस बजे चिरंजीत को आवाज लगाई तो उनके कमरे से कोई जवाब नहीं मिला।  उसे सोचा कि डॉक्टर साहब सो रहे होंगे। इसके बाद उज्जैन उर्फ निलय और अभियुक्त अजय पलड़ोसी स्थित क्लीनिक पलसोड़ी चले गए थे। जब डॉ. चिरंजीत क्लीनिक नहीं पहुंचे तो दोपहर 12 बजे वहां से फ्लेट पर पहुंचे तथा डॉक्टर चिरंजीत को आवाजें लगाई लेकिन न तो कमरे से उनकी आवाज आई और न ही दरवाजा खोला गया।  आसपास के लोगों को बुलाने के बाद दरवाजा तोड़ गया तो  कमरे के अंदर पंलग पर डॉक्टर चिंरजीत कम्बल ओढे पड़े थे। इसके बाद उनका शव मेडिकल कॉलेज ले जाकर पोस्टमार्टम कराया गया तथा पुलिस को सूचना दी गई थी।
                   जांच में हुआ हत्या का खुलासा
जांच में पाया गया कि डॉक्टर चिरंजीत की हत्या की गई है। इसके बाद एसआई आईएम खान द्वारा अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया।  एसआई रायसिंह परमार ने मामले की विवेचना की तो पता चला कि डॉक्टर चिरंजीत की हत्या उनके ही भांजे अजय टीकादार द्वारा की गई है। इसके बाद आरोपी अजय टीकादार को गिरफ्तार कर लिया गया था।  
                          इसलिए की थी हत्या
     पुलिस ने जांच में पाया कि अभियुक्त अजय टीकादार रिश्ते में मृतक डॉक्टर चिरंजीत का भांजा लगता था। अजय अपनी गलत आदतों के कारण क्लीनिक के गल्ले से रुपए चुराता था। इस बात को लेकर मृतक चिरंजीत व अजय के बीच  कई बार विवाद हुए थे और मृतक ने उसे पश्चिम बंगाल भेजने का निर्णय लिया था।  इसी रंजिश के चलते उसने डॉक्टर चिरंजीत की हत्या कर दी थी। प्रकरण में अभियोजन की तरफ से पैरवी जिला लोक अभियोजक सुरेश कुमार वर्मा ने की।