रिश्तेदार दो युवकों ने जेवर लूटने के लिए की थी महिला की हत्या, आरोपी गिरफ्तार, जेवर जब्त

गला दबाकर की थी हत्या, पैरों से चांदी के कड़े निकालकर शव कुएं में फेंककर भाग गए थे

रिश्तेदार दो युवकों ने जेवर लूटने के लिए की थी महिला की हत्या, आरोपी गिरफ्तार, जेवर जब्त

 सर्च इंडिया न्यूज, रतलमा।

माणकचौक पुलिस ने ग्राम करमदी में हुए महिला के अंधेकत्ल की गुत्थी 24 घंटा के भीतर सुलझाने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार महिला की हत्या उसके बेटे के दामाद व दामाद के साडू ने जेवर लूटने के लिए की थी। आरोपी रिश्तेदार युवकों ने पहले महिला को धक्का देकर नीचे गिरा दिया था तथा गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद महिला के पैरों में पहने चांदी के जेवर निकाल लिए थे तथा शव कुएं में फेंककर भाग गए थे। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा रही है। 
       एसपी अमित कुमार ने शनिवार दोपहर पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकारवार्ता में सीताबाई हत्याकांड के मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 30 अक्टूबर 2025 की सुबह करीब साढ़े आठ बजे ग्राम करमदी में मांगरोल रोड के किनारे चौकीदार बालाराम भूरिया के खेत में स्थित कुएं में करीब 80 वर्षीय अज्ञात महिला का शव मिला था। शव पुराना होकर डीकम्पोज हो गया था।  पुलिस अधिकारियों व एफएसएल की टीम ने घटना स्थल पहुंच कर कुएं से शव निकलवाया था। इस दौरान वहां ग्रामीणों की भीड़ लग गई थी तथा मृतिका की पुत्री शांतिबाई भी वहां पति के साथ पहुंची थी। बेटी ने शव पर पहने कपड़ों से मृतक महिला की पहचान अपनी मां सीताबाई निवासी ग्राम सज्जनपाडा के रूप में की थी। शांतिबाई ने बताया था कि। उनकी मां सीताबाई 10 दिन पहले घर से निकली थी तथा उसने पैरों में चांदी के कड़े भी पहन रखे थे, जो उनके पैरों में नहीं है। इससे यह माना जा रहा था कि सीताबाई की हत्या जेवर लूटने के लिए की गई होगी। सीताबाई के अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए एएसपी (शहर) राकेश खाखा व सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन तथा माणकचौक थाना प्रभारी पतिराम डावरे के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। टीम ने जांच शुरू कर परिजनों व अन्य लोगों से जानकारी ली,  तो पता चला कि हत्या करने में सीताबाई के रिश्तेदारों आरोपी 25 वर्षीय दिनेश गामड़ पिता गोवर्धनलाल गामड़  व इसके साडू 27 वर्षीय नानालाल भाभर पिता गोवर्धनलाल भाभर दोनों निवासी ग्राम मांगरोल शामिल हो सकते है। इसके बाद दिनेश गामड़ व नानालाल भाभर को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि जेवरों के लालच में आकर सीताबाई की गला दबाकर हत्या की थी। हत्या करने के बाद पैरों से चांदी के कड़े निकाल लिए थे तथा शव कुंए में फेंक कर भाग गए थे। 
          मायके से ले जाते समय रास्ते मे की थी हत्या
     आरोपी दिनेश मृतिका सज्जनबाई के पुत्र रमेश निनामा का दामाद है और नानालाल दिनेश का साडू है। वे दोनों सीताबाई के घर आते-जाते रहते है। धनतेरस पर 18 अक्टूबर 2025 को सुबह वे दोनों सीताबाई के घर गए थे तथा बाइक पर बैठाकर सीताबाई को ग्राम बम्बोरी में स्थित उनके  मायके ले गए थे। शाम को दोनों सीताबाई को मायके से ग्राम सज्जनपाड़ा स्थित घर छोडनेन्का कहकर बाइक पर बैठकर ले गए थे। घर न ले जाते हुए सज्जनबाई को आरोपी ग्राम करमदी स्थित चौकीदार खेत मे कुएं के पास ले गए थे। पहले आरोपियों ने सीताबाई को धक्का देकर नीचे गिर दिया था। इसके गला दबाकर उनकी हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद सीताबाई के पैरों से 80 हजार रुपए कीमत के 750 ग्राम वजनी चांदी के कड़े उतार कर शव कुएं में फेंककर भाग गए थे। पुलिस ने उनके कब्जे से चांदी के जेवर तथा घटना में उपयोग की गई बाइक भी जप्त कर ली है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है की घटना में और कोई अन्य तो शामिल नहीं था। टीम में एसआई प्रवीण वास्कले, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह राठौर, दीपक बोरासी, राजेश मईडा,  विजय मेड़ा, तखतलाल, आरक्षक अविनाश मिश्रा, राजेंद्र चौहान, अशरफ खान, चंदरसिंह मार्को, संदीप शर्मा, कुलदीप, प्रवीण सिंह और साइबर सेल के कर्मचारी शामिल थे।