रात को घर मे घुसा मगरमच्छ, मां ने खिड़की से 7 वर्षीय बेटे को बाहर निकाल कर बचाई जान

मां ने पहले बेटे को बाहर निकाला और फिर खुद भी सुरक्षित बाहर निकल गई, ग्रामीणों ने लकड़ी की मदद से मगरमच्छ को रस्सी से बांधा

रात को घर मे घुसा मगरमच्छ,    मां ने खिड़की से 7 वर्षीय बेटे को बाहर निकाल कर बचाई जान
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✍️ सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम, रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के एक गाँव में घर के अंदर मगरमच्छ घुसने और    महिला द्वारा बेटे के साथ बाहर निकलकर जान बचाने का मामला सामने आया है। घटना है  बाजना तहसील के ग्राम नवागांव की है, जहां 8 अक्टूबर 2026 की रात 10 बजे सीताबाई अपने 7 साल के बेटे के साथ सो रही थी। अचानक आहट हुई, आँख खुली तो सामने मौत बनकर मगरमच्छ बढ़ रहा था।" "लेकिन इस माँ ने हिम्मत नहीं हारी! बिना शोर मचाए, सूझबूझ से पहले बेटे को खिड़की से बाहर निकाला, फिर खुद खिड़की से कूदकर जान बचाई। बाहर पहुंचकर ग्रामीणों को जगाया।" "ग्रामीणों ने लकड़ी की मदद से मगरमच्छ को रस्सी से बांधा। हैरानी देखिए - रात भर न पुलिस आई, न वन विभाग! सुबह टीम आई और मगरमच्छ को ले गई। बताया जा रहा है ये तेलनी नदी से भटककर गाँव में आ गया था।" "माँ के साहस को सलाम!  
   जानकारी के अनुसार  सीताबाई पति स्व. केसु डोडियार निवासी ग्राम नवागांव (कुंदनपुर) 08 अक्टूबर 2026 की रात 
 अपने 7 वर्षीय छोटे बेटे के साथ घर मे सो रही थीं।  रात करीब 10 बजे घर मे किसी के आने की आहट होने पर  सीताबाई की नींद खुली और  उन्होंने अपने से सामने अपनी तरफ मगरमच्छ को बढ़ता देखा। मगरमच्छ को देखकर  सीताबाई घबराई नहीं  और तत्काल बेटे व खुद को बचाने का निर्णय लेकर अदम्य साहस और समझदारी का परिचय देते हुए बिना कोई शोर मचाए पहले अपने 7 वर्षीय  बेटे को धीरे से उठाकर  खिड़की के पास पहुंची और उसे खिड़की से बाहर निकाल दिया। इसके बाद सीताबाई भी सतर्कता से किसी तरह घर से सुरक्षित बाहर निकल गई। इस तरह उन्होंने अपनी व बेटे की जान बचाई। इसके बाद शोर मचाकर सीताबाई ने आसपास के लोगों को जानकारी दी। आसपास के ग्रामीण उसके घर के पास पहुंचे तथा सावधानी से हिम्मत दिखाते हुए लकडियो की मदद से रस्सियों से मगरमच्छ को सुरक्षित बांधकर काबू में कर लिया। गांव में मगरमच्छ के आने की खबर से लोग भयभीत हो गए और रातभर जागते रहे। ग्रामीणों के अनुसार गांव के पास से तेलनी व माही नदी बहती है। आशंका जताई जा रही है कि कम बारिश के कारण भोजन की तलाश में यह मगरमच्छ तेलनी नदी से निकलकर आबादी क्षेत्र तक आ पहुंचा होगा। पकड़े गए मगरमच्छ की उम्र लगभग 2 वर्ष लम्बाई 5 से 7 फ़ीट बताई जा रही है। सीताबाई के पति का कुछ समय पहले निधन हो चुका है। वह अपने दोनों बेटे के साथ रहती है। 12 वर्षीय बड़ा बेटा घटना के समय घर पर नहीं था, वह दोस्तों के साथ कहीं गया हुआ था।
      ग्रामीणों का आरोप है कि मगरमच्छ के आने व उसे काबू में करने के बाद, उसकी सूचना तत्काल बाजना पुलिस और वन विभाग को दी गई थी। लेकिन रात में कोई नहीं पहुंचा। गुरुवार सुबह उजाला होने के बाद पुलिसकर्मी गांव पहुंचे और फिर कुछ समय बाद वन विभाग की टीम भी आई। वन विभाग की टीम ने रस्सियों से बंधे मगरमच्छ को अपने कब्जे में लिया और वाहन में डालकर ले गई।  बाजना के रेंजर अमित सोनी ने बताया कि गुरुवार सुबह मगरमच्छ के बारे में सूचना मिली थी, इसके बाद टीम ने वहां पहुंचकर मगरमच्छ को अपने संरक्षण में ले लिया है।