गुजरात से आकर चड्डी-बनियान में चोरी की वारदातें करता था गिरोह, चार गिरफ्तार
0 वारदात करके पेंट-शर्ट पहनकर भाग जाते थे बदमाश 0 चड्डी-बनियान गिरोह के तीन सदस्य व जेवर गिरवी रखने वाला सुनार गिरफ्तार 0 करीब आठ लाख रुपए के जेवर व नौ हजार रुपए बरामद 0 एक अन्य आरोपी की तलाश जारी
✍️ सर्च इंडिया न्यूज डॉट कॉम रतलाम।
मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में पिछले करीब आठ माह से सक्रिय होकर चोरी की वारदातें करन वाले चड्डी-बनियान गिरोह का पुलिस ने पदार्फास कर दिया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, इनमें तीन वारादातों को अंजाम देने वाले तथा एक आरोपी जेवर गिरवी रखने वाला सुनार है। गिरोह के सभी सदस्य गुजरात के दाहोद जिले के रहने वाले हैं। आरोपियों के कब्जे से करीब आठ लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर व नौ हजार रुपए बरामद किए गए हैं। एक अन्य आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा है, पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
उल्लेखनीय है कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में रातों में चड्डी-बनियान पहने बदमाशों ने कई घरों व दुकानों को निशाना बनाया और गिरोह ने अनेक जगह वारदात कर जेवर व रुपए चुराए। गिरोह कई स्थानों पर वारदात करने में सफल भी नहीं रहा। रात में चड्डी-बनियाने पहने गिरोह के सदस्य अनेक जगह सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए थे और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुए। चड्डी-बनियान गिरोह के सक्रिय होने से लोगों में भय बना हुआ था। पुलिस लगातार मेहनत कर गिरोह का पता लगाने में जुटी हुई थी और आखिरकार पुलिस ने गिरोह का पता लगाकर चार आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त कर ली। एएपी (रतलाम शहर) राकेश पंद्रो ने शुक्रवार को आयोजित पत्रकारावार्ता में गिरोह का पर्दाफास करते हुए बताया कि पिछले आठ माह से चड्डी-बनियान गिरोह शहर की अलग-अलग कॉलोनियों व मोहल्लों में वारदातें कर रहा था। एसपी अमित कुमार के निर्देशन में टीम गठित कर गिरोह को पकड़ने के निर्देश दिए गए थे। सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, डीएसपी गायत्री सोनी व औदियोगिक क्षेत्र थाना प्रभारी अमित कोरी के नेतृत्व में टीम ने चड्डी-बनियान पहने बदमाशों के सीसीटीवी फुटैज प्राप्त किए और 1200 से 1500 सीसीटीवी कैमरे चेक किए। फुटेजों की जांच व मुखबिरों से पता चला कि वारदातों को गुजरात के दाहोद जिले का चड्डी-बनियान गिरोह अंजाम दे रहा है। इसके बाद टीम ने ने गिरोह के सदस्यों की पहचान की और पहले घेराबंदी कर गिरोह के दो सदस्यों आरोपी 48 वर्षीय कालू उर्फ भीमा पिता भीमजी निवासी ग्राम आमली थाना जैसावाड़ा जिला दाहोद (गुजरात) और इसके बड़े भाई 52 वर्षीय नभला को मध्य प्रदेश-गुजरात की सीमा के पास से पकड़कर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने अपने दो अन्य साथियों 56 वर्षीय मालाभाई मावी पिता जोटाभाई उर्फ जोरसिंह मावी निवासी ग्राम तालाब फलिया, वाडवा जिला दाहोद व संजयभाई मावी पिता दलसिंह मावी निवासी ग्राम वाड़वा जिला दाहोद के साथ मिलकर रतलाम में वारदातें करना और चुराए गए जेवर सुनार आरोपी 75 वर्षीय मणिशंकर पांचाल उर्फ पोपटलाल पिता केशवलाल पांचाल निवासी ग्राम आमली जिला दाहोद के पास गिरवी रखना बताया। इसके बाद आरोपी मालाभाई व सुनार मणिशंकर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से करीब आठ लाख रूपए कीमत के एक किलो 200 ग्राम चांदी व 40 ग्राम वजनी सोने के आभूषण व नौ हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। आरोपी संजयभाई हाथ नहीं आया, उसकी तलाश में टीम लगी हुई है।
ट्रेन से आते और रैकी करके करते थे
वारदात, मोबाइल फोन साथ नहीं रखते
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे शनिवार व रविवार को वारदात करते थे। वे दाहोद से शनिवार को दिन में ट्रेन में बैठकर रतलाम आते और रैकी करते वारदात करने वाले घर का पता लगाते। रात में वारदात को अंजाम देते थे। शनिवार रात सफलता नहीं मिलती तो रविवार रात को वारदात करते थे। वारदात करने के बाद अगले दिन सुबह वे ट्रेन से ही वापस दाहोद और वहां से अपने गांव चले जाते थे। वे मोबाइल फोन घर पर रखकर आते थे, ताकि मोबाइल टावर के माध्यम से उनकी पहचान न हो सके। वे वारदात करने के दौरान मोबाइल फोन का कभी उपयोग नहीं करते है।
वारदात स्थल के आसपास पेंट-शर्ट उतारकर झोले
में रखते और चड्डी-बनियान में करते थे वारदात
एएसपी राकेश पंद्रो व सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे चड्डी-बनियान में रहकर वारदात करते थे और वारदात करने के बाद पेंट-शर्ट पहनकर भाग जाते थे। वे जहां वारदात करना होती थी उस कालोनी या क्षेत्र में पहुंचकर पेंट-शर्ट उतारकर झोले में रख देते थे और चड्डी-बनियान में चिहिंत घर या दुकान पर पहुंचकर वारदात करते थे। वारदात करने के बाद कुछ दूर जाकर वापस पेंट-शर्ट पहने लेते थे। इसके पीछे कारण यह है कि चड्डी-बनियान में कोई वारदात स्थल के आसपास देखे या सीसीटीवी कैमरे में कैद हो तो भागते समय पेंट-शर्ट में कोई उन्हें आसानी से पहचान न सके। वारदात करने कालू, नभला, मालाभाई व संजयभाई ही आते थे। वारदात करने के बाद वे दो-दो के समूह में अलग-अलग क्षेत्रों से होकर रेलवे स्टेशन पहुंचते और अलग-अलग डिब्बों या अलग-अलग ट्रेनों से वापस घर लौटते थे।
अब तक तीन वारदातें कबूली
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों ने अब तक शहर के तीन स्थानों पर वारदात करना कबूल किया है। उन्होंने 16 अगस्त 2026 को राममंदिर क्षेत्र स्थित एक दुकान से तीन हजार रुपए, 21 सितंबर को विरियाखेड़ी स्थित सूने मकान से करीब साढ़े सात लाख रुपए के सोने व चांदी के जेवर तथा छह हजार रुपए और 28 सितंबर 2026 को राजबाग कालोनी के एक मकान से 30 हजार रुपए कीमत की चांदी की मूर्ति चोरी करना बताया है। आरोपियों से अन्य वारदातों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। आरोपी मालाभाई के खिलाफ गुजरात में वर्ष 2008 तक चोरी के आठ-नौ केस दर्ज है। अन्य आरोपियों का भी आपाराधिक रिकार्ड खंगाला जा रहा है।