शुल्क वृद्धि के विरोध में कृषि उपज मंडी रही बंद, व्यापारियों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
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✍ सर्च इंडिया न्यूज, रतलाम।
मध्यप्रदेश में शासन द्वारा मंडी शुल्क में की गई वृद्धि के विरोध में 23 जून 2026 को रतलाम कृषि उपज मंडी भी पूर्णतः बंद रही। अनाज, दलहन एवं तिलहन व्यापारी महासंघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर रतलाम के सभी व्यापारी संगठनों ने एक दिवसीय बंद को पूर्ण समर्थन दिया। इसके चलते मंडी में नीलामी एवं खरीदी का कार्य पूरी तरह बंद रहा। इस दौरान व्यापारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग की।
बंद के चलते मंडी में सन्नाटे की स्थिति रही। सुबह करीब 11 बजे बड़ी संख्या में व्यापारी मंडी परिसर में एकत्र हुए। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन मंडी भारसाधक अधिकारी एवं एसडीएम तरुण जैन को सौंपा। दि ग्रेन एंड सीड्स मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र चत्तर ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा मंडी शुल्क को एक प्रतिशत से बढ़ाकर डेढ़ प्रतिशत कर दिया गया है। इस 0.5 प्रतिशत वृद्धि से व्यापारियों एवं किसानों दोनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। आंदोलन एवं बंद को सफल बनाने में विभिन्न व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। इस अवसर पर दि ग्रेन एंड सीड्स मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र चत्तर एवं सचिव हितेश मेहता, रतलाम मंडी व्यापारी संघ के अध्यक्ष राकेश लाठी एवं सचिव हितेश बाफना, मंडी व्यापारी युवा संघ के अध्यक्ष दिलीप मेहता एवं सचिव धर्मेंद्र माहेश्वरी, संघर्षशील लहसुन प्याज मंडी युवा व्यापारी संघ के अध्यक्ष नीलेश बाफना एवं सचिव प्रकाश जाधव, श्री रत्नपुरी लहसुन प्याज मंडी व्यापारी संघ के अध्यक्ष रितेश बाफना एवं सचिव पंकज अग्रवाल सहित कांतिलाल चौपड़ा,अभय सेठिया, वर्धमान बरड़िया, डॉ. बी.एल. मेहता, हेमकांत दवे, सतीश ओरा, संचय वोरा, राजेंद्र बाफना, कैलाश ओरा, मांगीलाल मोदी, अमृतलाल कटारिया, कमलेश बुपक्या, राघव परवाल, पंकज जैन, पंकज बाफना,प्रभात सुराना,अशोक अग्रवाल,अर्पित सियार, संजय जोशी, सैय्यद रिजवान अली, सैय्यद सैफी अली विपुल मुरार,राजेश गांधी, सहित व्यापारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
व्यापारियों ने मंडी बोर्ड के अधिकारियों पर आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कड़ी निंदा की। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों को गुमराह कर व्यापारियों, किसानों एवं आम नागरिकों पर यह अन्यायपूर्ण निर्णय थोपा गया है। अध्यक्ष सुरेंद्र चत्तर ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा क्षेत्र के वरिष्ठ नेता एवं एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप सहित सभी जनप्रतिनिधियों से मंडी शुल्क वृद्धि का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग सदैव भाजपा का समर्थक रहा है और सरकार को व्यापारियों एवं किसानों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। ज्ञापन का वाचन दिलीप मेहता द्वारा किया गया।